Politics – Parmarth TV https://parmarthtv.com Parmarth Bhakti Tue, 25 Feb 2025 17:49:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://parmarthtv.com/wp-content/uploads/2022/08/cropped-IMG-20220719-WA0005-32x32.jpg Politics – Parmarth TV https://parmarthtv.com 32 32 आप के नेता बंगले के लिए लड़ रहे – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc/ https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc/#respond Tue, 25 Feb 2025 17:49:10 +0000 https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc/

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपना बंगला बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे उस पार्टी के नेता हैं, जिसने अपने गठन के समय ऐलान किया था कि उसके नेता सरकारी बंगला नहीं लेंगे, बड़ी गाड़ियों में नहीं चलेंगे, सुरक्षा नहीं लेंगे, आम लोगों की तरह रहेंगे लेकिन पार्टी के सर्वोच्च नेता अरविंद केजरीवाल ने न सिर्फ बंगला लिया, बल्कि पुराने बंगले को तोड़ कर करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से नया बंगला बनवा लिया। उनके घर पर 30 से ज्यादा सेवक काम करते हैं और वे आधा दर्जन गाड़ियों के काफिले से चलते हैं। उनको दो राज्यों से सुरक्षा मिली हुई है। उन्हीं के रास्ते पर चलते हुए उनकी पार्टी के युवा सांसद बड़े बंगले के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने बहुत अनुरोध करके एक बड़ा बंगला लिया था और अब उसे बचाने के लिए लड़ रहे हैं।

राघव चड्ढा को टाइप सात का बंगला मिला था। यह बंगला उन्हें अपने आप नहीं मिला था। वे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनकड़ से मिले थे और बड़ा बंगला देने का अनुरोध किया था, जिसे मान लिया गया गया था। उनको पंडारा रोड पर एबी-5 बंगला मिल गया था। इस तरह के बंगले पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, पूर्व राज्यपालों और पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलते हैं, जबकि चड्ढा पहली बार के सांसद हैं। इससे पहले वे एक बार विधायक रहे हैं। इस आधार पर वे अपने को टाइप सात बंगले के योग्य मान रहे हैं। जब उनको बंगला खाली करने का नोटिस मिला तो वे अदालत में पहुंच गए और अदालत ने बंगला खाली कराने के आदेश पर रोक लगा दी। राज्यसभा आवास समिति के चेयरमैन सीएम रमेश का कहना है कि भाजपा सांसद राधामोहन दास को भी टाइप सात का बंगला दिया गया था, लेकिन उनको टाइप पांच के बंगले में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली कमेटी की ओर से किए गए आवंटन में बदलाव किया गया है और जो जिस योग्य है वह बंगला उसको दिया जा रहा है। लेकिन जल्दी ही शादी करने जा रहे राधव चड्ढा किसी हाल में टाइप सात का बंगला नहीं छोड़ना चाहते।



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कांग्रेस को राज्यों में प्रभारियों की जरूरत – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa/ https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa/#respond Tue, 25 Feb 2025 11:47:59 +0000 https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa/

कांग्रेस संगठन में बदलाव की शुरुआत हो गई है। पहला बदलाव गुजरात में हुआ है, जहां शक्ति सिंह गोहिल को अध्यक्ष बनाया गया है। उनके अलावा वर्षा गायकवाड को मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। पुड्डुचेरी में भी कांग्रेस ने नया अध्यक्ष बनाया है। कहा जा रहा है कि नए अध्यक्षों की नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी और राज्यों में नए प्रभारी बनाए जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने शक्ति सिंह गोहिल की जगह गुजरात के ही नेता दीपक बाबरिया को दिल्ली और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है लेकिन बताया जा रहा है कि यह भी अस्थायी व्यवस्था है। केंद्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद ही स्थायी रूप से राज्यों का प्रभार बंटेगा।

इस बीच कई राज्यों में अलग अलग कारणों से कांग्रेस को प्रभारियों की जरूरत है। कांग्रेस में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत है। इसके तहत दो राज्यों में तत्काल प्रभारी नियुक्त करने की जरूरत है। तमिलनाडु के कांग्रेस प्रभारी दिनेश गुंडुराव और महाराष्ट्र के प्रभारी एचके पाटिल दोनों कर्नाटक की नई सरकार में मंत्री बन गए हैं। उनकी जगह दोनों अहम राज्यों में प्रभारी नियुक्त किया जाना है। इसी तरह पिछले साल गुजरात में कांग्रेस के बुरी तरह से हारने के बाद प्रभारी रघु शर्मा ने पद छोड़ने की पेशकश की थी। वहां भी नया प्रभारी नियुक्त होना है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए कांग्रेस को बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों में ऐसे प्रभारी नियुक्त करने हैं, जो तालमेल की बात बेहतर तरीके से करके गठबंधन में कांग्रेस के लिए अच्छी डील हासिल कर सकें। उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस को ऐसा प्रभारी नियुक्त करना है, जो कांग्रेस के पुराने वोट बैंक को वापस लाने में मददगार हो।



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160 दिन बाद बीएसएफ के डीजी की नियुक्ति – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/160-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%ab-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8/ https://parmarthtv.com/politics/160-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%ab-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8/#respond Tue, 25 Feb 2025 05:44:39 +0000 https://parmarthtv.com/politics/160-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%ab-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8/

आखिरकार 160 दिन के बाद सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को एक पूर्णकालिक प्रमुख मिल गया। सरकार ने सोमवार को बीएसएफ के महानिदेशक यानी डीजी की नियुक्ति की। पिछले 160 दिन से कामचलाऊ डीजी से देश की इस प्रीमियम पारामिलिट्री फोर्स का काम चल रहा था। असल में 31 दिसंबर 2022 को बीएसएफ के डीजी पंकज सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया था। उसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के डीजी सुजय लाल थाउसेन को बीएसएफ का प्रभार सौंप दिया गया था। तब से इसी तदर्थ व्यवस्था के तहत काम चल रहा था।

अधिकारियों की नियुक्ति करने वाली कैबिनेट कमेटी की मंजूरी के बाद सोमवार को 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी नितिन अग्रवाल को बीएसएफ का नया डीजी नियुक्त किया गया। वे जुलाई 2026 में रिटायर होने तक इस पद पर रहेंगे। ऐसा नहीं है कि पहली बार बीएसएफ के डीजी का पद इतने समय तक तदर्थ व्यवस्था के तहत रहा हो। इससे पहले मार्च 2020 में भी विवेक जौहरी के रिटायर होने के बाद पांच महीने से कुछ ज्यादा समय तक उनकी जगह आईटीबीपी के एसएस देसवाल ने बीएसएफ का प्रभार संभाला था। असल में इस सरकार में कई अहम पदों पर या तो कार्यकारी की व्यवस्था चल रही है या रिटायर अधिकारियों को ठेके पर रख कर उनसे काम कराया जा रहा है।



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आर्शीवाद व धन्यवाद की भाजपा राजनीति – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b5-%e0%a4%a7%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c/ https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b5-%e0%a4%a7%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c/#respond Mon, 24 Feb 2025 23:32:10 +0000 https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b5-%e0%a4%a7%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c/

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से हमेशा कहते रहे हैं कि वे प्रधान सेवक हैं। लेकिन उनकी पार्टी ऐसा नहीं मानती है। उनकी पार्टी मानती है कि वे सेवा नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश के लोगों पर कृपा कर रहे हैं और इसके लिए देशवासियों को उनका आभारी होना चाहिए। तभी कोई नेता कहता है कि जनता उनको धन्यवाद कहे तो कोई कहता है कि जनता उनका आशीर्वाद लेने के लिए भाजपा को वोट दे। पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तमिलनाडु के दौरे पर गए थे। वहां चेन्नई की एक सभा में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु से मिले राजदंड सेंगोल को संसद में स्थापित किया है इसलिए राज्य के लोगों को उनका धन्यवाद करने के लिए 20 सांसद जिता कर भेजना चाहिए।

इससे पहले कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के प्रचार में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए राज्य के लोगों को भाजपा की सरकार बनवानी चाहिए। यह डबल इंजन की सरकार में ज्यादा विकास होने के दावे का ही एक रूप था। नड्डा के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसे कन्नड लोगों को आत्मसम्मान से जोड़ते हुए कहा था कि कर्नाटक के लोग किसी के आशीर्वाद के आकांक्षी नहीं हैं। वे अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर विकास कर रहे हैं। कर्नाटक में आशीर्वाद वाली बात उलटी पड़ गई थी। तमिलनाडु में भी धन्यवाद वाली बात कोई बहुत फायदेमंद नहीं होने वाली है।



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केजरीवाल की नजर लोकसभा चुनाव पर – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%81/ https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%81/#respond Mon, 24 Feb 2025 17:31:38 +0000 https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%81/

दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करके आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा जाहिर की है। उन्होंने रैली में जिस अंदाज में भाषण किया और जो मुद्दे उठाए उससे भी लग रहा है कि वे लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में 12 साल पहले की याद दिलाई, जब इसी रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के नेतृत्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन का आंदोलन चला था। केजरीवाल उस आंदोलन के सूत्रधार थे। तब उस आंदोलन का फायदा भाजपा उठा ले गई थी क्योंकि तब केजरीवाल की पार्टी नई थी और उसके पास पूरे देश में संगठन नहीं था। अब वे पूरे देश में चुनाव लड़ने को तैयार हैं। तभी उन्होंने दिल्ली सरकार के अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति को लेकर केंद्र की ओर से लाए गए अध्यादेश को अखिल भारतीय रूप दिया है।

केजरीवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिल्ली का मामला नहीं है। उन्होंने राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा कि कल इस तरह का अध्यादेश किसी भी राज्य में लागू हो सकता है। उन्होंने सभी राज्यों को चेतावनी दी और संविधान से लेकर संघीय ढांचे के खतरे का भय दिखाया। केजरीवाल ने अपने भाषण में 140 करोड़ लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अध्यादेश के मसले पर देश के 140 करोड़ लोग दिल्ली वालों के साथ हैं। इससे पहले सिर्फ प्रधानमंत्री ही 140 करोड़ लोगों का जुमला बोलते थे। रामलीला मैदान से केजरीवाल ने भी यह जुमला बोला। रैली से पहले वे देश भर में घूमे हैं और विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मिले हैं। उनकी रैली में एक और खास बात यह रही कि जाने माने वकील और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कपिल सिब्बल संविधान विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए। ध्यान 12 साल पहले की रैली में संविधान विशेषज्ञ प्रशांत भूषण थे और आज सिब्बल हैं। उनके मंच पर होने से केजरीवाल के मुद्दे को वैधता मिली है।



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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सभी दाव – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8/ https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8/#respond Mon, 24 Feb 2025 11:25:01 +0000 https://parmarthtv.com/politics/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8/

कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में कर्नाटक की तर्ज पर गारंटियां देनी शुरू की है। सरकार बनने पर खजाना खोलने का ऐलान किया है। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी हालांकि कर्नाटक में इसकी घोषणा नहीं हुई थी। मुफ्त की बिजली, महिलाओं को नकदी, किसानों की कर्जमाफी, पांच सौ रुपए में रसोई गैस सिलिंडर आदि देने की घोषणा हो गई है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने जबलपुर में कांग्रेस के चुनाव अभियान का आगाज करते हुए कहा कि ये कांग्रेस का वादा है और कांग्रेस अपना वादा लागू करती है। उन्होंने राज्य के लोगों को अगले चार पांच महीने कांग्रेस की दूसरे राज्यों की सरकारों पर नजर रखने को भी कहा।

इस आधार पर कह सकते हैं कि कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में कर्नाटक मॉडल पर चुनाव लड़ रही है। लेकिन मुफ्त की घोषणाओं के अलावा मध्य प्रदेश का चुनाव कर्नाटक से पूरी तरह से अलग मॉडल पर लड़ा जा रहा है। दोनों चुनावों का सबसे बुनियादी फर्क यह है कि कर्नाटक में कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर लड़ी थी, जबकि मध्य प्रदेश में हिंदुत्व के मुद्दे पर लड़ रही है। कर्नाटक में कांग्रेस पूरी तरह से भाजपा का कंट्रास्ट दिख रही थी, जबकि मध्य प्रदेश में वह भाजपा की फोटोकॉपी बन रही है। कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव में खुल कर अपने को मुसलमानों के साथ दिखाया था और कहा था कि सरकार बनने पर वह मुसलमानों का चार फीसदी आरक्षण बहाल करेगी। इतना ही नहीं बजरंग दल पर पाबंदी लगाने का वादा भी किया था।

इसके उलट मध्य प्रदेश बजरंग सेना कांग्रेस का साथ दे रही है। पिछले दिनों बजरंग सेना के नेता कमलनाथ से मिले और उनको हनुमानजी की गदा भेंट की। कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जय बजरंग बली के नारे लगा रहे थे और मध्य प्रदेश में कमलनाथ बजरंग बली के नारे लगा रहे हैं। जबलपुर में प्रियंका गांधी की सभा के लिए जो पंडाल बनाया गया था, उसके ऊपर एक विशाल गदा स्थापित की गई थी। प्रियंका ने दर्जनों पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच मां नर्मदा की पूजा अर्चना की और उसके बाद जनसभा के लिए गईं।

दोनों राज्यों का एक फर्क यह भी है कि कर्नाटक में कांग्रेस अघोषित रूप से सिद्धरमैया के चेहरे पर लड़ रही थी, जो कि घोषित रूप से नास्तिक हैं। अपने पूरे चुनाव प्रचार में वे किसी मंदिर या मस्जिद में नहीं गए। इसके उलट मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमलनाथ के चेहरे पर लड़ रही है, जो चुनाव से पहले मंदिर मंदिर घूम रहे हैं और अपने को शिवराज सिंह चौहान से ज्यादा आस्थावान हिंदू साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। वैसे मध्य प्रदेश में कांग्रेस जो कर रही है  वह कोई नई चीज नहीं है। 2002 के गुजरात दंगों और वहां के विधानसभा चुनाव के एक साल बाद जब मध्य प्रदेश का विधानसभा चुनाव हुआ था तब भी कई नेता नरम हिंदुत्व के रास्ते चल रहे थे। तब से लेकर आज तक कांग्रेस वही राजनीति करती और हारती आ रही है। 15 साल के बाद 2018 में वह जरूर जीती लेकिन भाजपा से उसको सिर्फ नौ सीटें ज्यादा मिली थीं और यही कारण था कि डेढ़ साल से कम समय में ही कांग्रेस ने सत्ता गंवा दी थी।



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Bihar Floor Test: बिहार में तेजी से बदल रहा नंबरगेम, शक्ति परीक्षण की घड़ी, क्या नीतीश कुमार के पक्ष में होगा नतीजा? – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV https://parmarthtv.com/politics/bihar-floor-test-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9/ https://parmarthtv.com/politics/bihar-floor-test-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9/#respond Mon, 17 Feb 2025 09:07:29 +0000 https://parmarthtv.com/politics/bihar-floor-test-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9/

Bihar Floor Test : पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति (Bihar politics) में एक नया शब्द ‘खेला’ ट्रेंड में हैं. बिहार की राजनीति में आज का दिन किसी भूकंप से कम साबित नहीं दिख रहा. आज बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट (Bihar Floor Test) होना है ऐसे में खबर है कि जदयू (JDU) के तीन विधायक मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं. जबसे नीतिश कुमार (Nitish Kumar) ने महागठबंधन का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दामन थामा है. तभी से बिहार में नंबरगेम की राजनीति शुरु हो गई है और ‘खेला’ शब्द ट्रेंड करने लगा है।

नीतीश (Bihar CM Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम रहे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav)  ने कहा था कि अभी खेला बाकी है. अब विधानसभा में शक्ति परीक्षण ((Bihar Floor Test) की घड़ी आ गई है. नीतीश सरकार को विधानसभा में आज बहुमत साबित करना है और इससे पहले तेजस्वी फ्रंट फुट पर हैं. उनकी पार्टी ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण से ठीक पहले भी खेला होने का दावा किया है.

बिहार की सियासत में क्या सच में खेला हो गया?

लेकिन क्या बिहार की सियासत में सच में खेला हो गया है. और क्या तेजस्वी यादव का ‘खेला’ वाला दावा सच होने जा रहा है? आज विधानसभा में शक्ति परीक्षण यानि Floor Test होना है ऐसे में खबर है कि जदयू के तीन विधायक मीटिंग में नहीं पहुंचे.  इसके बाद एक तरफ JDU के विधायकों को पटना के एक होटल में ठहराया गया है. तो वहीं तेजस्वी यादव ने अपने घर में ही राजद विधायकों की बाड़ाबंदी कर दी है. वहीं दूसरी ओर खबर ये भी आ रही है कि बिहार में सत्ताधारी JDU यानी सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के विधायक डॉ संजीव कुमार को नजरबंद करने का आरोप पुलिस पर लगा है.

नीतिश की पार्टी के विधायक को पुलिस ने बीच रास्ते रोका?

दरअसल, बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता से विधायक संजीव कुमार को नवादा में पुलिस और प्रशासन ने फ्लोर टेस्ट (Floor test) से पहले ही कथित तौर पर रोक लिया। बताया जा रहा है कि विधायक संजीव कुमार झारखंड के रास्ते सोमवार की सुबह बिहार की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें नवादा जिला प्रशासन ने बिहार झारखंड बॉर्डर पर रजौली में रोक लिया। Watch Video

जदयू के नेता को गिरफ्तार करने पर राजद का हल्ला बोल

जदयू के विधायक संजीव कुमार की गिरफ्तारी की खबर के बाद राजद ने इस मामले पर हंगामा शुरु कर दिया. जैसे ही इसकी खबर राजद के स्थानीय नेताओं को मिली, उन्होंने वन विश्राम गृह के बाहर हल्ला बोल दिया. राजद समर्थकों ने आरोप लगाया कि जदयू विधायक संजीव कुमार नीतीश कुमार के खिलाफ वोट करने जा रहे थे.  इसीलिए उन्हें पुलिस ने रोक लिया है। इसके बाद काफी देर तक राजद नेताओं ने नवादा में वन विश्राम गृह के बाहर बवाल काटे रखा और नारेबाजी भी की।

क्या बिहार की राजनीति में शक्ति परीक्षण से पहले सच में खेला हो गया?

हालांकि अभी तक ये तो पता नहीं चला है कि आखिर डॉक्टर संजीव को पुलिस ने क्यों रोका। लेकिन जानकारी है कि  कुछ देर बाद विधायक संजीव कुमार पुलिस की सुरक्षा के साथ पटना के लिए रवाना हो गए।

शक्ति परीक्षण (Floor Test) में ‘आउट ऑफ कॉन्टैक्ट’ विधायक कैसे बन सकते हैं मुसीबत

आपको बतादें बिहार विधानसभा की स्ट्रेंथ 243 है. ऐसे में बहुमत के लिए नीतीश सरकार को 122 विधायकों का समर्थन चाहिए. एनडीए के पास मांझी की पार्टी के चार विधायकों समेत 128 विधायकों का समर्थन है.

मांझी की पार्टी के चार विधायक हटा दें तो भी एक निर्दल सुमित सिंह समेत 124 विधायकों का समर्थन सरकार के पास है. लेकिन जेडीयू और बीजेपी विधायकों के आउट ऑफ कॉन्टैक्ट हो जाने से तस्वीर अब उलझी हुई नजर आ रही है.

खबर है कि जेडीयू और बीजेपी,(JDU & BJP)  दोनों दलों के कुल चार विधायको से संपर्क नहीं हो पा रहा है. ये चार विधायक अगर विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होते हैं तो सदन की स्ट्रेंथ 239 रह जाएगी.

ऐसे में बहुमत के लिए 120 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. अगर पुलिस हिरासत में लिए गए जेडीयू विधायक ने भी नीतीश सरकार के पक्ष में मतदान किया तो एनडीए का संख्याबल मांझी की पार्टी के बिना भी बहुमत के लिए जरूरी 120 के आंकड़े तक पहुंच जाएगा.

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