Religion – Parmarth TV https://parmarthtv.com Parmarth Bhakti Sun, 24 May 2026 12:24:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://parmarthtv.com/wp-content/uploads/2022/08/cropped-IMG-20220719-WA0005-32x32.jpg Religion – Parmarth TV https://parmarthtv.com 32 32 उल्टा या सीधा… शिवलिंग पर कैसे चढ़ाना चाहिए बेलपत्र? पूजा से पहले जान लें भोलेनाथ को प्रसन्न करने की सही विधि https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%a7%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%a7%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95/#respond Sun, 24 May 2026 12:24:58 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%a7%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95/

धर्म डेस्क। सनातन धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, पंचामृत और बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर विधि-विधान से बेलपत्र चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

बेल पत्र चढ़ाते समय गलतियां

हालांकि, कई लोग बेलपत्र चढ़ाते समय एक सामान्य गलती कर बैठते हैं। उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि बेलपत्र का कौन-सा हिस्सा शिवलिंग की ओर होना चाहिए।

शास्त्रों के मुताबिक, बेलपत्र चढ़ाते समय उसका चिकना भाग शिवलिंग की तरफ यानी नीचे होना चाहिए, जबकि खुरदरा हिस्सा ऊपर की ओर रहता है। मान्यता है कि उल्टा बेलपत्र चढ़ाना पूजा की दृष्टि से सही नहीं माना जाता

बेलपत्र अर्पित करते समय कुछ अन्य बातों का ध्यान रखना भी जरूरी बताया गया है। पूजा में हमेशा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसे ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है।

इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

इसके अलावा बेलपत्र कहीं से टूटा, फटा या सूखा नहीं होना चाहिए। खंडित या अशुद्ध बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित नहीं किया जाता।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र के चिकने हिस्से पर पीला चंदन लगाकर चढ़ाना शुभ माना गया है। साथ ही बेलपत्र अर्पित करने से पहले शिवलिंग का जल या पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए।

क्या है बेलपत्र चढ़ाने की सही विधि

बेलपत्र चढ़ाने की सही विधि के अनुसार उसका डंठल अपनी ओर और पत्तियों वाला भाग शिवलिंग की तरफ रखना चाहिए। डंठल के सिरे पर मौजूद छोटी गांठ को तोड़कर ही बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना गया है। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’, महामृत्युंजय मंत्र और बिल्वपत्र मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है।

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इंदौर में क्रिप्टो निवेश के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी, सितारा होटलों में पार्टी कर निवेशक फंसाए, पांच पर केस https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6/#respond Sun, 24 May 2026 04:24:04 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6/

इंदौर में क्रिप्टो और फॉरेक्स निवेश के नाम पर ढाई करोड़ रुपये की ठगी सामने आई। हाईप्रोफाइल महिला सहित पांच आरोपितों पर एफआइआर दर्ज, पुलिस लगातार छापेम …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 24 May 2026 08:14:37 AM (IST)Updated Date: Sun, 24 May 2026 08:14:37 AM (IST)

दौर में क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सितारा होटलों में सेमिनार कर निवेशकों को झांसे में लिया।
  2. 100 दिनों में रकम कई गुना करने का लालच दिया गया।
  3. शुरुआती कमीशन देकर निवेशकों का भरोसा जीतने की कोशिश की।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर में यूएस बेस्ड कंपनी के नाम पर क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश कराने के बहाने करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने हाईप्रोफाइल महिला समेत पांच आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।

आरोप है कि निवेशकों को बड़े मुनाफे, विदेशी ट्रिप और लग्जरी लाइफस्टाइल का सपना दिखाकर फंसाया गया। शहर के बड़े होटलों में सेमिनार और पार्टियां आयोजित कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। शुरुआती दौर में कमीशन देकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। शुरुआती जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।

सितारा होटलों में सेमिनार कर फंसाए निवेशक

ट्रेजर टाउन निवासी जिया सतीश वाधवानी ने अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, हरमीत कौर खनूजा उर्फ मोना ने विजय नगर स्थित एक सितारा होटल में हाईप्रोफाइल निवेशकों के लिए पार्टी और सेमिनार आयोजित किए। यहां यूएस बेस्ड ‘ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसलटेंसी’ कंपनी के जरिए क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश कराने का लालच दिया गया।

100 दिन में रकम चार गुना करने का दावा

आरोपितों ने निवेशकों से कहा कि प्रतिदिन दो प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 100 दिनों में रकम कई गुना हो जाएगी। जिया वाधवानी और उनके भाई सहित कई लोगों ने लाखों रुपये निवेश कर दिए। शुरुआती दिनों में कमीशन भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ गया।

कमीशन बंद होते ही खुली ठगी की पोल

मार्च 2025 से निवेशकों को मिलने वाला कमीशन बंद हो गया। पूछने पर साइट अपडेट होने का बहाना बनाया गया और जूम मीटिंग के जरिए भरोसा दिलाया गया। लगातार दबाव बनाने पर आरोपितों ने रुपये लौटाने से इन्कार कर दिया और धमकियां देना शुरू कर दीं।

भोपाल और अन्य शहरों के आरोपित शामिल

पुलिस ने हरमीत कौर उर्फ मोना, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी, अनिरुद्ध दलवी, मुकेश तायड़े और जोसेफ के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में ढाई करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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शिव का सबसे रौद्र ‘शरभ’ अवतार, आखिर क्यों आमने-सामने आ गए थे महादेव और श्रीहरि? https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%ad-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%ad-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be/#respond Sat, 23 May 2026 20:23:34 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%ad-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be/

धर्म डेस्क। सनातन धर्म में भगवान शिव और भगवान विष्णु को एक-दूसरे का परम भक्त माना जाता है, लेकिन पौराणिक कथाओं में एक ऐसा प्रसंग भी मिलता है जब सृष्टि की रक्षा के लिए दोनों दिव्य शक्तियों को आमने-सामने आना पड़ा। शिव पुराण में वर्णित यह कथा भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार और भगवान शिव के शरभ अवतार से जुड़ी हुई है।

क्या है मान्यता

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दैत्यराज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों का अंत करने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया था। आधे मनुष्य और आधे सिंह के रूप में प्रकट होकर उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध किया, लेकिन इसके बाद भी उनका क्रोध शांत नहीं हुआ।

भगवान शिव से गुहार

भगवान नरसिंह के उग्र रूप और बढ़ते क्रोध को देखकर देवता भयभीत हो गए। उन्हें डर सताने लगा कि यदि यह क्रोध शांत नहीं हुआ तो पूरी सृष्टि संकट में पड़ सकती है। तब सभी देवता भगवान शिव की शरण में पहुंचे और उनसे रक्षा की प्रार्थना की।

कथा के अनुसार, सबसे पहले भगवान शिव ने अपने अंशावतार वीरभद्र को नरसिंह भगवान को शांत करने के लिए भेजा। वीरभद्र ने उनसे शांत होने का आग्रह किया, लेकिन नरसिंह देव क्रोध में इतने डूबे थे कि उन्होंने किसी की बात नहीं मानी।

इसके बाद महादेव ने स्वयं एक अत्यंत शक्तिशाली और विचित्र रूप धारण किया। उन्होंने शरभ अवतार लिया, जिसे आधा सिंह, आधा पक्षी और आठ पैरों वाला दिव्य रूप बताया गया है। इस रूप के विशाल पंख और नुकीले पंजे बेहद भयावह थे।

दोनों में हुआ था भयानक युद्ध

शिव पुराण के मुताबिक, जब शरभ अवतार और नरसिंह भगवान आमने-सामने आए तो दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ। कहा जाता है कि शरभ देव ने अपनी शक्ति से नरसिंह भगवान को अपने पंजों में जकड़ लिया और आकाश में ले गए।

इस दौरान भगवान नरसिंह को महादेव की असीम शक्ति का अनुभव हुआ और धीरे-धीरे उनका क्रोध शांत होने लगा। उन्हें यह बोध हुआ कि यह सब सृष्टि की रक्षा के लिए हो रहा है। अंत में नरसिंह भगवान ने महादेव को प्रणाम किया और शांत होकर बैकुंठ लौट गए।

यह भी पढ़ें- दुनिया का अनोखा मंदिर… जहां नारी रूप में पूजे जाते हैं बजरंग बली, छत्तीसगढ़ के रतनपुर में स्थित है यह अनोखा धाम

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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25 मई से बदलेगा इन 6 राशियों का भाग्य, सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर से करियर और मान-सम्मान में होगी बड़ी वृद्धि https://parmarthtv.com/religion/25-%e0%a4%ae%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a8-6-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be/ https://parmarthtv.com/religion/25-%e0%a4%ae%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a8-6-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be/#respond Sat, 23 May 2026 12:22:49 +0000 https://parmarthtv.com/religion/25-%e0%a4%ae%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a8-6-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be/

जब भी सौरमंडल के राजा सूर्य अपना नक्षत्र परिवर्तन करते हैं, तो मानव जीवन के भीतर मानसिक दृढ़ता और कार्यशैली में बड़े व्यापक बदलाव देखने को मिलते हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 23 May 2026 05:30:09 PM (IST)Updated Date: Sat, 23 May 2026 05:30:09 PM (IST)

25 मई से शुरू होगा सूर्य का विशेष नक्षत्र परिवर्तन।

HighLights

  1. 25 मई से शुरू होगा सूर्य का विशेष नक्षत्र परिवर्तन
  2. रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर से खुलेगा उन्नति का मार्ग
  3. अपनी राशि के अनुसार ही नोट करें सटीक उपाय

धर्म डेस्क। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा, आत्मविश्वास, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा का मुख्य विधिक कारक माना गया है। जब भी सौरमंडल के राजा सूर्य अपना नक्षत्र परिवर्तन करते हैं, तो मानव जीवन के भीतर मानसिक दृढ़ता और कार्यशैली में बड़े व्यापक बदलाव देखने को मिलते हैं।

25 मई 2026 को सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। रोहिणी नक्षत्र के अधिपति स्वयं चंद्र देव हैं और यह शुक्र देव के स्वामित्व वाली वृषभ राशि के अंतर्गत आता है। वृषभ राशि भौतिक सुख, सौंदर्य, धन और आकर्षण का प्रतीक है। सूर्य का यह गोचर मेष से लेकर कन्या राशि के जातकों के जीवन में बड़ा नीतिगत प्रभाव डालने जा रहा है।

सिंह राशि (Leo)

आपकी राशि के स्वामी सूर्य देव आपके दशम भाव यानी कर्म, व्यवसाय और करियर के क्षेत्र में अत्यंत शक्तिशाली (दिग्बली) स्थिति में आ रहे हैं।

  • प्रभाव: नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय पदोन्नति (Promotion), वेतन वृद्धि और नई कॉर्पोरेट जिम्मेदारियां मिलने का मार्ग प्रशस्त करेगा। आपकी लीडरशिप क्वालिटी और मैनेजमेंट स्टाइल की हर जगह सराहना होगी। सरकारी क्षेत्रों से जुड़े विधिक कार्यों में बड़ी सफलता हाथ लगेगी।
  • सावधानी: ऑफिस या व्यवसाय स्थल पर अधीनस्थ कर्मचारियों (Subordinates) पर बेवजह अपना हुक्म चलाने की प्रवृत्ति से बचें।
  • उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करें और दूसरों से संवाद करते समय मन में पूर्ण धीरज रखें।

कन्या राशि (Virgo)

सूर्य देव आपके नवम भाव यानी भाग्य और धर्म के त्रिकोण स्थान को प्रभावित कर रहे हैं।

  • प्रभाव: शिक्षा, शोध, अकादमिक लेखन और कुछ नया सीखने के दृष्टिकोण से यह गोचर सर्वश्रेष्ठ परिणाम देगा। किसी लंबी दूरी की व्यावसायिक यात्रा या गुरुओं के सही विधिक मार्गदर्शन से आपको करियर की दीर्घकालिक योजनाएं (Long-term Planning) तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।
  • सावधानी: हर छोटे अवसर में अत्यधिक मीन-मेख निकालने या ‘बाल की खाल निकालने’ की आदत का परित्याग करें।
  • उपाय: सूर्य देव को कुमकुम मिश्रित जल अर्पित करें और अपने शिक्षकों या गुरुओं के चरण स्पर्श कर दिन की शुरुआत करें।
  • वृषभ राशि (Taurus)

    सूर्य देव आपकी ही राशि के प्रथम भाव यानी लग्न (व्यक्तित्व स्थान) में गोचर कर रहे हैं।

    • प्रभाव: यह समय आपके भीतर गजब के आत्मविश्वास और कार्य संचालन की अद्भुत क्षमता का संचार करेगा। अपने लक्ष्यों के प्रति आप अत्यधिक गंभीर और दृढ़ निश्चयी नजर आएंगे। कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों द्वारा आपकी प्रशासनिक शैली की सराहना होगी और सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
    • सावधानी: स्वभाव में अचानक आने वाले अहंकार, जिद्दीपन या आत्ममुग्धता से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
    • उपाय: नियमित रूप से 108 बार मंत्र ‘ओम सूर्याय नमः’ का जाप करें और व्यवहार में विनम्रता रखें।

    मिथुन राशि (Gemini)

    सूर्य देव आपके द्वादश भाव यानी व्यय और बाहरी संपर्कों के स्थान को प्रभावित करेंगे।

    • प्रभाव: यह गोचर आपको थोड़ा अंतर्मुखी और एकांतप्रिय बना सकता है। भौतिक सुख-साधनों, लंबी यात्राओं या स्वास्थ्य संबंधी विधिक आवश्यकताओं पर अचानक खर्चों का बोझ बढ़ सकता है। मानसिक शांति की तलाश में आपका रुझान आध्यात्मिक कार्यों की ओर बढ़ेगा।
    • सावधानी: इस अवधि के दौरान वित्तीय निवेश या पैसों से जुड़ा कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय बहुत सोच-समझकर ही लें।
    • उपाय: मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए नियमित रूप से ग्रैटिट्यूड मेडिटेशन (कृतज्ञता ध्यान) करें और फिजूलखर्ची पर रोक लगाएं।

    मेष राशि (Aries)

    सूर्य देव का यह गोचर आपके द्वितीय भाव यानी धन, कुटुंब और वाणी के स्थान को सक्रिय करेगा।

    • प्रभाव: इन दिनों आपका पूरा ध्यान अपनी संचित पूंजी को बढ़ाने, आर्थिक बचत को सुदृढ़ करने और पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन पर केंद्रित रहेगा। आपकी संवाद शैली में एक विधिक स्पष्टता और नया आत्मविश्वास दिखाई देगा, जिससे अटके हुए धन की प्राप्ति सुगम होगी।
    • सावधानी: कार्यक्षेत्र या परिवार में जोश में आकर कटु वचनों का प्रयोग करने से बचें, अन्यथा बने बनाए संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
    • उपाय: नित्य सुबह तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें और अपनी वाणी में सौम्यता बनाए रखें।

    यह भी पढ़ें- दुनिया का अनोखा मंदिर… जहां नारी रूप में पूजे जाते हैं बजरंग बली, छत्तीसगढ़ के रतनपुर में स्थित है यह अनोखा धाम

    कर्क राशि (Cancer)

    सूर्य देव आपके ग्यारहवें भाव यानी लाभ, आय और महत्वाकांक्षाओं के स्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

    • प्रभाव: आपके सामाजिक दायरे का विस्तार होगा। राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े बड़े अधिकारियों से आपके संपर्क मजबूत होंगे, जो भविष्य में तरक्की के नए द्वार खोलेंगे। आर्थिक स्थिति में पिछले समय की तुलना में 20% से 30% तक का सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।
  • सावधानी: सोशल नेटवर्क या मित्रों से आवश्यकता से अधिक उम्मीदें (Over-expectations) न पालें।
  • उपाय: घर के बड़े-बुजुर्गों और पितातुल्य व्यक्तियों का पूर्ण सम्मान कर उनका विधिक आशीर्वाद प्राप्त करें।
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    Aaj Ka Love Rashifal 23 May: ग्रहों की चाल से आज बदलेंगे रिश्तों के समीकरण, कई राशियों के रिश्तों में आज आ सकती है दरार https://parmarthtv.com/religion/aaj-ka-love-rashifal-23-may-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2/ https://parmarthtv.com/religion/aaj-ka-love-rashifal-23-may-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2/#respond Sat, 23 May 2026 04:20:42 +0000 https://parmarthtv.com/religion/aaj-ka-love-rashifal-23-may-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2/

    धर्म डेस्क, नईदुनिया। 23 मई 2026 का लव राशिफल (Love Horoscope 23 May 2026) प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव के संकेत दे रहा है। कुछ राशियों को पार्टनर का प्यार, सहयोग और सरप्राइज मिलेगा, जबकि कई राशियों को विवाद, नाराजगी और गलतफहमियों से बचने की सलाह दी गई है। जानिए आपकी लव लाइफ पर ग्रहों (Aaj Ka Love Rashifal) का क्या असर रहेगा।

    मेष – अपने लव पार्टनर के साथ आज का दिन आपका अच्छा नहीं है आज आप दोनों के बीच मतभेद बने रहेंगे आपका पार्टनर आपके व्यवहार से काफी नाराज रहेगी ऐसे में आप दोनों के बीच स्थित और ज्यादा कर सकती है।

    बृषभ – आज अपने लव पार्टनर के स्वास्थ्य को लेकर आप काफी परेशान रहेंगे इस कारण डॉक्टर की सलाह या हॉस्पिटल का चक्कर लगाना पड़ सकता है अपने पार्टनर के स्वास्थ्य का ख्याल रखें उनके साथ समय व्यतीत करें मौसम के हिसाब से संभाल कर रहे।

    मिथुन – आज अपने पार्टनर के साथ आपका दिन अच्छा रहेगा आज आप दोनों घर पर रहकर ही समय व्यतीत करेंगे साथ ही साथ आज आपका पार्टनर आपके कार्यों में आपका सहयोग करेगा कुछ पुरानी बातों को लेकर चल रहा विवाद खत्म होगा आज का दिन मौज मस्ती से भराएगा।

    कर्क – अपने लव पार्टनर के साथ आपका दिन अच्छा रहेगा आज आप दोनों कहीं बाहर जाने के लिए तैयार हो सकते हैं आज का दिन आप दोनों के लिए स्पेशल रहेगा आज आपका पार्टनर आपको कुछ विशेष उपहार या गिफ्ट दे सकता है आज का दिन आप दोनों के लिए अच्छा है।

    सिंह – आज अपने लव पार्टनर के साथ आपका दिन अच्छा रहेगा आज आप दोनों अपने परिवार के लिए बड़ी शॉपिंग कर सकते हैं आज बच्चों के साथ कहीं बाहर जाने की योजना बन सकती है साथ ही साथ आपका पार्टनर आज आपसे कुछ आर्थिक मदद मांग सकता है।

    कन्या – आज अपने पार्टनर के साथ आपका दिन बहुत अच्छा रहने वाला है आज आप दोनों साथ समय व्यतीत करेंगे आपका पार्टनर आज आपको कोई गुड न्यूज़ देने वाला जिसे सुनकर आपका मन प्रसन्नता से खिल उठेगा आज आप दोनों के बीच तालमेल बहुत अच्छा रहने वाला है।

    तुला – आज आपने के साथ आपका दिन अच्छा रहेगा हालांकि आपके कारण आप कुछ परेशान रह सकते हैं अपने पार्टनर के स्वास्थ्य का ख्याल रखें आज आप और आपके पार्टनर के बीच पुराने चल रहे हैं मतभेद खत्म होंगे अपनी गलतियों के लिए आपका पार्टनर आज आपसे माफी मांग सकता है ऐसे में आज आपको भी आगे बढ़कर अपने पार्टनर का हाथ थामना होगा।

    वृश्चिक – आज अपने पार्टनर से किसी भी प्रकार का हंसी मजाक करना आपके लिए भारी पड़ सकता है इस बात का ख्याल रखें कि किसी के सामने आपके पार्टनर के सम्मान को ठेस ना पहुंचे आज किसी भी प्रकार का मजाक प्रेंक करना सोच विचार कर करना नहीं तो आपके पार्टनर के साथ आपका संबंध बिगड़ सकता है।

    धनु – आज आपका लव पार्टनर आपका साथ पाकर खुश नजर आएगा आज आप दोनों के बीच तालमेल बहुत अच्छा रहने वाला है साथ ही साथ आज आप एक दूसरे से अपने प्रेम का इजहार कर सकते हैं आज का दिन आप दोनों के लिए बहुत अच्छा रहेगा आपका पार्टनर और आप आज का दिन एंजॉय करने वाले हैं।

    मकर – आज अपने पार्टनर के साथ आप किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं आज का दिन आप लोगों के लिए अच्छा रहेगा आज आपका पार्टनर आपसे कोई बड़ी डिमांड कर सकता है आपकी जेब पर असर पड़ने वाला है अपने पार्टनर की इच्छाओं की पूर्ति करना आज आपके लिए अच्छा होगा आप दोनों के बीच संबंध और अच्छा रहेगा।

    कुंभ – अपने नाराज पार्टनर को मनाने के लिए आज आपने कोई उपहार गिफ्ट दे सकते हैं या अपने पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं आज अपने पार्टनर के साथ बाहर रहकर साथ खाना पीना मौज मस्ती करना आपके पार्टनर के मिजाज को बदल सकता है अच्छा होगा आज का दिन आप दोनों साथ में रहे।

    मीन – आज आपका लव पार्टनर और आपके बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो सकता है तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप के कारण आप दोनों का संबंध बिगड़ सकता है ऐसे में अपने संबंध के बीच किसी व्यक्ति को ना आने दे कुछ पर्सनल बातों को बैठकर आपस में बातचीत करके हल किया जा सकता है।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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    Vastu Tips: दीवारों का सही रंग बढ़ाएगा घर की पॉजिटिव एनर्जी, जानिए किस कमरे के लिए कौन-सा शेड है बेस्ट https://parmarthtv.com/religion/vastu-tips-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%8f/ https://parmarthtv.com/religion/vastu-tips-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%8f/#respond Fri, 22 May 2026 20:19:44 +0000 https://parmarthtv.com/religion/vastu-tips-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%8f/

    Vastu Color Guide: वास्तु शास्त्र के प्राचीन नियमों के अनुसार, हर दिशा और कमरे के लिए सही रंगों का चयन करके घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाई जा स …और पढ़ें

    Publish Date: Fri, 22 May 2026 03:44:58 PM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 03:44:58 PM (IST)

    जानिए किचन से लेकर बेडरूम तक कौन-सा रंग है शुभ (AI Generated Image)

    HighLights

    1. घर की हर दिशा पांच प्राकृतिक तत्वों से जुड़ी है
    2. पूजा कक्ष में सफेद रंग बढ़ाता है आध्यात्मिक ऊर्जा
    3. दिशाओं के अनुसार रंग चुनने से संतुलित रहता है वातावरण

    धर्म डेस्क। घर बनाना हर इंसान के जीवन का एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय होता है, जिसे बार-बार नहीं बदला जा सकता। वास्तु शास्त्र (Vastu Color Guide) के प्राचीन भारतीय विज्ञान के अनुसार, हम अपने घर की दीवारों के लिए जिस भी रंग का चयन करते हैं, वह वहां रहने वाले परिवार के सदस्यों की भावनाओं, मानसिक स्थिति और ऊर्जा के स्तर को सीधे प्रभावित करता है। सही रंगों का चुनाव घर में एक ऐसा संतुलित और शांतिपूर्ण वातावरण तैयार करता है, जहां हर कोई सहज महसूस कर सके।

    पंच तत्वों और दिशाओं के आधार पर रंगों का महत्व

    वास्तु नियमों के मुताबिक, घर की हर एक दिशा का संबंध प्रकृति के पांच तत्वों (पंचतत्व) से होता है। इन तत्वों में संतुलन बनाए रखने के लिए दिशाओं के अनुकूल रंगों का चयन करना आवश्यक है:

    1. उत्तर दिशा: यह दिशा जीवन में विकास और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। यहां हरे रंग के विभिन्न शेड्स का उपयोग करना सबसे अच्छा होता है।
    2. पूर्व दिशा: यह दिशा नई शुरुआत और मानसिक स्पष्टता को दर्शाती है। यहां सफेद या क्रीम जैसे सौम्य और हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए।
    3. दक्षिण दिशा: अग्नि और जीवन शक्ति से जुड़ी इस दिशा में लाल और पीले रंगों का इस्तेमाल बेहद शुभ और ऊर्जादायक माना जाता है।
    4. पश्चिम दिशा: शांति और खुशहाली की इस दिशा के लिए हल्के नीले रंग को सबसे उपयुक्त माना गया है।

    किचन और बेडरूम के लिए खास वास्तु कलर्स

    घर की रसोई (किचन) को पूरे घर की ऊर्जा का केंद्र माना जाता है, क्योंकि यहीं से परिवार का स्वास्थ्य तय होता है। वास्तु के अनुसार, किचन में नारंगी, लाल, पीला और गुलाबी जैसे ऊर्जावान व सकारात्मक रंगों का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग भूख बढ़ाने के साथ-साथ रसोई की आभा को गर्माहट से भर देते हैं।

    वहीं दूसरी ओर, बेडरूम वह स्थान है जहाँ इंसान दिनभर की थकान के बाद मानसिक शांति और अच्छी नींद की तलाश में जाता है। मन को शांत करने और तनाव को कम करने के लिए बेडरूम में हल्के नीले, हरे, लैवेंडर और गुलाबी रंगों का चुनाव करना सबसे बेहतर होता है।

    लिविंग रूम से लेकर पूजा घर तक का कलर गाइड

    घर के हर कमरे का अपना एक विशेष उद्देश्य होता है, इसलिए उनका रंग भी उसी के अनुरूप होना चाहिए:

    • लिविंग रूम (बैठक): इस स्थान को अधिक खुशहाल, सामाजिक और सकारात्मक बनाने के लिए पीला, हरा और नीला रंग सबसे सही है, जो आपसी जुड़ाव को बढ़ाता है।
    • पूजा कक्ष: घर का सबसे पवित्र स्थान हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए। यहां आध्यात्मिक शांति बनाए रखने के लिए सफेद रंग सबसे शुभ माना जाता है। गहरे रंगों के प्रयोग से बचना चाहिए क्योंकि ये एकाग्रता भंग कर सकते हैं।
    • स्टडी रूम (अध्ययन कक्ष): बच्चों की एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने के लिए स्टडी रूम का रंग ऐसा होना चाहिए जो तनाव मुक्त माहौल बनाए।
    • बालकनी: शाम के वक्त सुकून और मानसिक शांति पाने के लिए बालकनी की दीवारों पर हल्का नीला, हरा या सफेद रंग करवाना सबसे उत्तम रहता है।

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    दुनिया का अनोखा मंदिर… जहां नारी रूप में पूजे जाते हैं बजरंग बली, छत्तीसगढ़ के रतनपुर में स्थित है यह अनोखा धाम https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%be/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%be/#respond Fri, 22 May 2026 12:18:47 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%be/

    क्या आप जानते हैं कि भारत की पावन भूमि पर एक ऐसा अनोखा और विस्मयकारी मंदिर भी है, जहां हनुमान जी किसी पुरुष रूप में नहीं, बल्कि एक नारी (स्त्री) के स् …और पढ़ें

    Publish Date: Fri, 22 May 2026 05:26:08 PM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 05:26:08 PM (IST)

    वो रहस्यमयी मंदिर जहां हनुमान जी बने देवी।

    HighLights

    1. वो रहस्यमयी मंदिर जहां हनुमान जी बने देवी
    2. छत्तीसगढ़ के रतनपुर में स्थित है अनोखा धाम
    3. जानें इस चमत्कारी मंदिर की पौराणिक गाथा

    धर्म डेस्क। पवनपुत्र हनुमान जी को पूरे ब्रह्मांड में अदम्य साहस, अपार शक्ति और अखंड ‘बाल ब्रह्मचारी’ के रूप में जाना जाता है। देश-दुनिया में बजरंग बली के जितने भी सिद्ध पीठ या मंदिर हैं, वहां उनकी पूजा एक बलशाली पुरुष और प्रभु श्रीराम के अनन्य दास के रूप में होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की पावन भूमि पर एक ऐसा अनोखा और विस्मयकारी मंदिर भी है, जहां हनुमान जी किसी पुरुष रूप में नहीं, बल्कि एक नारी (स्त्री) के स्वरूप में विराजमान हैं?

    कड़े विधिक और धार्मिक नियमों के पालन के साथ सदियों से पूजे जा रहे इस विहंगम विग्रह की गाथा बेहद कौतूहल पैदा करने वाली है। आइए जानते हैं दुनिया के इस एकमात्र ‘देवी हनुमान’ मंदिर की अद्भुत पौराणिक कथा और इसके पीछे का रहस्य।

    छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में है यह सिद्ध पीठ

    यह अलौकिक और चमत्कारी मंदिर छत्तीसगढ़ की न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक व धार्मिक नगरी रतनपुर में स्थित है। स्थानीय भक्तों और पुरातत्वविदों के अनुसार, यहाँ स्थापित हनुमान जी की यह दिव्य प्रतिमा अत्यंत प्राचीन है, जिसे लगभग 10,000 वर्ष पुराना माना जाता है। इस क्षेत्र में मां महामाया देवी का भी विख्यात मंदिर है, जिसके कारण इस पूरी नगरी को एक सिद्ध विधिक धार्मिक क्षेत्र का दर्जा प्राप्त है।

    जब राजा पृथ्वी देवजू को बजरंग बली ने दिए सपने में दर्शन

    इस अनोखे मंदिर के निर्माण और हनुमान जी के नारी स्वरूप में प्रकट होने के पीछे एक बेहद दिलचस्प और विधिक पौराणिक इतिहास छिपा है:

    कुष्ठ रोग से मुक्ति और महामाया कुंड का विहंगम रहस्य:

    • राजा की अगाध भक्ति: सदियों पहले रतनपुर पर राजा पृथ्वी देवजू का शासन था। वे बेहद प्रतापी राजा थे लेकिन एक गंभीर शारीरिक कष्ट यानी कुष्ठ रोग (Leprosy) से पीड़ित थे। वे बजरंग बली के परम भक्त थे और दिन-रात उनकी विधिक सेवा में लीन रहते थे।
  • स्वप्न में मिला आदेश: एक रात संकटमोचन हनुमान जी ने राजा के स्वप्न में आकर दर्शन दिए और उन्हें अपने रोग की विधिक निवृत्ति तथा आत्म-कल्याण के लिए एक भव्य मंदिर निर्माण कराने का आदेश दिया।
  • कुंड से विग्रह का प्राकट्य: राजा ने तत्काल मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया। जब मंदिर बनकर पूर्ण होने वाला था, तब हनुमान जी ने पुनः स्वप्न में आकर राजा से कहा कि पास ही स्थित ‘महामाया कुंड’ (तालाब) के भीतर उनकी एक दिव्य प्रतिमा दबी हुई है, उसे निकालकर गर्भगृह में स्थापित किया जाए।
  • यह भी पढ़ें- Vastu Tips: इन 3 चीजों का लेन-देन करते समय कहीं आप भी तो नहीं करते यह बड़ी गलती? आएगी कंगाली और बढ़ेगा तनाव

    स्त्री रूप देख अचंभित रह गए थे लोग, राजा का ठीक हुआ रोग

    घटनाक्रम के चरण विधिक व धार्मिक प्रक्रिया (The Divine Sequence)
    मंदिर निर्माण राजा पृथ्वी देवजू ने हनुमान जी के आदेशानुसार तय स्थान पर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवाया।
    दूसरा स्वप्न जैसे ही मंदिर का शिखर कार्य पूरा होने वाला था, बजरंग बली ने दोबारा राजा के सपने में आकर कहा कि पास ही स्थित ‘महामाया कुंड’ (तालाब) के भीतर मेरी एक प्राचीन प्रतिमा दबी है, उसे बाहर निकालो।
    स्त्री रूप का प्रकटीकरण राजा ने तत्काल सैनिकों और विधिक पुरोहितों को भेजकर तालाब से मूर्ति बाहर निकलवाई। लेकिन जैसे ही प्रतिमा जल से बाहर आई, वहां मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया। हनुमान जी की वह विहंगम मूर्ति पूर्णतः एक स्त्री स्वरूप में थी।

    पूरी होती है हर मुराद

    सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार यह समस्त संसार का इकलौता ऐसा विधिक स्थान है, जहां हनुमान जी की पूजा ‘देवी’ के रूप में की जाती है। इस मंदिर के प्रति न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की अटूट और गहरी आस्था है।

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    भिंड के ‘डॉक्टर हनुमान’ के सखी स्वरूप को वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया अवार्ड https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87/#respond Fri, 22 May 2026 04:17:59 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87/

    टीम ने विश्व में खोज की है, लेकिन पूरे ब्रह्मांड में डॉक्टर हनुमान और उनका सखी स्वरूप कहीं और नहीं है। …और पढ़ें

    Publish Date: Fri, 22 May 2026 07:53:31 AM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 07:55:15 AM (IST)

    दंदरौआ मंदिर के महंत रामदास महाराज को अवार्ड देते सीईओ पवन सोलंकी। नईदुनिया

    HighLights

    1. वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की टीम ने खुद खोजा इतिहास
    2. दंदरौआ धाम पहुंचे रिकॉर्ड्स के सीईओ
    3. बिना किसी आवेदन के मिला सम्मान

    नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम की अलौकिक महिमा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने अब वैश्विक पटल पर अपनी जगह बना ली है। धाम में सखी रूप में विराजमान डाक्टर हनुमान को वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया का प्रमाण पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया।

    धाम के पीठाधीश महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने गुरुवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह सब हनुमान जी की इच्छा और उनकी अद्भुत कृपा से संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सम्मान के लिए कभी कोई प्रयास या आवेदन नहीं किया गया।

    वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया की टीम ने खुद हमसे संपर्क कर बताया कि उन्होंने पूरे विश्व में खोज की है, लेकिन पूरे ब्रह्मांड में डॉक्टर हनुमान और उनका सखी स्वरूप कहीं और नहीं है। हनुमान जी के इस ऐतिहासिक स्थान के प्रभाव के कारण ही इसे वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी ने कहा कि हमारी टीम बहुत कम ऐसे स्थानों पर स्वयं जाकर अवार्ड प्रदान करती है।

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    देवास में भीषण गर्मी के बीच महंत बालयोगी संतोष नाथ महाराज ने शुरू की 41 दिनी पंच धूनी एवं खड़ी तपस्या https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80/#respond Thu, 21 May 2026 20:17:26 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80/

    गुरु महाराज की यह विशेष साधना प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2:15 बजे तक चलेगी। पंच धूनी तपस्या के अंतर्गत महाराज पांच स्थानों पर प्रज्वलित धूनियों के मध्य …और पढ़ें

    Publish Date: Thu, 21 May 2026 11:15:30 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 11:15:30 AM (IST)

    पंच धूनी ए‌वं खड़ी तपस्या करते हुए महंत बालयोगी संतोष नाथ महाराज। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

    HighLights

    1. 41 दिवसीय पंच धूनी एवं खड़ी तपस्या का शुभारंभ हुआ
    2. विशेष साधना प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2:15 बजे तक चलेगी
    3. महाराज पांच स्थानों पर प्रज्वलित धूनियों के मध्य बैठकर ध्यान एवं साधना करेंगे

    नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। सद्गुरु योगेंद्र शीलनाथ महाराज धूनी परिसर, मल्हार क्षेत्र में बुधवार से 41 दिवसीय पंच धूनी एवं खड़ी तपस्या का शुभारंभ हुआ।

    शीलनाथ भक्त मंडल के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि हरियाणा के हिसार जिले के सुल्तानपुर गांव स्थित नाथ संप्रदाय के प्राचीन मठ के गादीपति महंत बालयोगी संतोष नाथ महाराज ने 20 मई को प्रातः 11 बजे तपस्या आरंभ की। तपस्या का बुधवार को प्रथम दिन रहा।

    बताया कि गुरु महाराज की यह विशेष साधना प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2:15 बजे तक चलेगी। पंच धूनी तपस्या के अंतर्गत महाराज पांच स्थानों पर प्रज्वलित धूनियों के मध्य बैठकर ध्यान एवं साधना करेंगे। पहले दिन पर गुरु महाराज ने 28-28 कंडों की धूनी के बीच साधना प्रारंभ की।

    29 जून तक चलेगी तपस्या

    यह तपस्या आगामी 29 जून तक निरंतर चलेगी। नाथ संप्रदाय में पंच धूनी तपस्या को अत्यंत दुर्लभ एवं कठोर साधना माना जाता है। भीषण गर्मी और धधकती अग्नि के मध्य घंटों तक ध्यान लगाना तथा खड़े रहकर साधना करना सामान्य साधकों के लिए अत्यंत कठिन माना जाता है। तपस्या के शुभारंभ पर शीलनाथ भक्त मंडल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

    प्रभु भक्ति, साधु-संतों की सेवा से मानव जीवन बनता है सरल

    हाटपीपल्या : भागवत कथा सबके जीवन को मंगलमय बनाती है। जो भगवान की कथा श्रवण करता है, भगवान की भक्ति करता है, साधु-महात्माओं की सेवा करता है तो उसका जीवन सरल और सहज बनता है और उसके ऊपर भगवान की कृपा रहती है। भागवत कथा हमारे जीवन और मृत्यु को मंगलमय बनाती है और राम कथा हमको जीवन जीना सिखाती है क्योंकि प्रभु राम का जीवन मर्यादित रहा और वह मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम कहलाए।

    यह विचार नृसिंह मंदिर में चल रही भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कथा वाचक पं. योगेश शर्मा ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा जब-जब धरा पर अत्याचार बढ़ते हैं तब-तब भगवान अवतार लेते हैं। मथुरा के राजा कंस ने उनकी बहन देवकी के साथ अत्याचार किया था, उनकी छह संतानों को मार दिया था तब जाकर भगवान ने अवतार लिया था। कथा में श्री कृष्ण जन्म महोत्सव उल्लास के साथ मनाया गया।

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    भूलकर भी उल्टे न रखें जूते-चप्पल, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी; जानें इसका आपके जीवन पर क्या पड़ता है असर https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%87/ https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%87/#respond Thu, 21 May 2026 12:14:04 +0000 https://parmarthtv.com/religion/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%87/

    धर्म डेस्क। घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर यह सलाह देते हैं कि जूते-चप्पलों को कभी भी उल्टा करके नहीं रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में कलह और अशांति बढ़ सकती है। यह सिर्फ पारंपरिक मान्यता नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी उल्टी चप्पलों को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा गया है।

    जूते- चप्पलों का क्यों रखना चाहिए ध्यान?

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, जूते-चप्पलों का संबंध व्यक्ति के भाग्य, धन और शनि ग्रह से माना जाता है। ऐसे में यदि घर के मुख्य द्वार या आसपास उल्टी चप्पलें पड़ी रहती हैं, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, बहस और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनने लगती है। यही वजह है कि वास्तु में जूते-चप्पलों को हमेशा सही और व्यवस्थित तरीके से रखने की सलाह दी जाती है।

    इसको लेकर क्या है धार्मिक मान्यता?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पैरों को शनि ग्रह का कारक माना गया है। ऐसे में उल्टे जूते-चप्पल रखना शनिदेव की नाराजगी का कारण बन सकता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं, जिससे घर में आर्थिक परेशानियां और दरिद्रता बढ़ने लगती है।

    क्या है व्यावहारिक नजरिया?

    अगर इसे व्यावहारिक नजरिए से देखा जाए, तो उल्टी चप्पल होने पर उसका गंदा हिस्सा ऊपर की ओर आ जाता है। इससे धूल, मिट्टी और कीटाणु आसानी से फैल सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। इसलिए साफ-सफाई और स्वास्थ्य के लिहाज से भी जूते-चप्पलों को सही तरीके से रखना जरूरी माना गया है।

    वास्तु शास्त्र में यह भी कहा गया है कि घर में फटे, पुराने या अनुपयोगी जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। जूते-चप्पलों को हमेशा शू-रैक या बंद कैबिनेट में रखने की सलाह दी जाती है, ताकि वे खुले में नजर न आएं।

    किस दिशा में होना चाहिए चप्पलों को रखने का शू-रैक?

    वास्तु के अनुसार, शू-रैक को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है, जबकि उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में जूते-चप्पल रखना अशुभ माना गया है। इसके अलावा मुख्य दरवाजे के ठीक सामने जूते उतारने से भी बचना चाहिए। यदि शू-रैक बाहर रखा हो, तो उसे दरवाजे के दाएं या बाएं तरफ रखना बेहतर माना जाता है। मान्यता यह भी है कि अगर कहीं उल्टी चप्पल दिखाई दे, तो उसे तुरंत सीधा कर देना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

    यह भी पढ़ें- घर के मंदिर में भगवान की दो मूर्तियां रखने से लग सकता है भयंकर दोष, जानें वास्तु के जरूरी नियम

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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