धर्म डेस्क। संसार में कुछ लोग जन्म से ही ऐसा सौभाग्य लेकर आते हैं कि उन्हें बहुत कम प्रयासों में ही हर मोड़ पर सफलता मिल जाती है। अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की जन्मतिथि उसके चरित्र, भविष्य और भाग्य का कूट विन्यास तय करती है। यदि आपका या आपके किसी करीबी का जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो अंक शास्त्र में ऐसे लोगों को साक्षात धन के देवता कुबेर का रूप माना गया है। ये लोग जीवन में बड़े से बड़े आर्थिक झटके से भी बहुत जल्दी उबर जाते हैं और दोबारा अपना मुकाम हासिल कर लेते हैं।
देवगुरु बृहस्पति हैं इस मूलांक के स्वामी
अंक ज्योतिष के नियमों के अनुसार, जब 3, 12, 21 और 30 तारीख के अंकों को आपस में जोड़ा जाता है, तो उनका कुल एकल योग 3 आता है, जिसे ‘मूलांक 3’ कहा जाता है। इस विशिष्ट संख्या के स्वामी देवताओं के गुरु देवगुरु बृहस्पति हैं, जिन्हें ज्ञान, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है। बृहस्पति के इसी कूट प्रभाव के कारण इस मूलांक के जातकों का जीवन राजाओं की तरह बीतता है।
जन्म लेते ही बदल जाती है परिवार की किस्मत
मूलांक 3 के जातकों के पीछे एक बेहद चमत्कारी और महत्वपूर्ण कारण काम करता है। इन तारीखों पर जन्मे बच्चों के पैर धरती पर पड़ते ही उनके पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार होने लगता है। माता-पिता की आय के स्रोत बढ़ जाते हैं, पैतृक कर्ज धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है और घर में सुख-समृद्धि का वास हो जाता है। इनके बारे में कहा जाता है कि ये बच्चे जहां भी कदम रखते हैं, वहां धन-संपत्ति की बारिश होने लगती है और बड़े होने पर भी इन्हें कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता।
असाधारण बुद्धि और अच्छे संस्कारों के धनी
देवगुरु बृहस्पति के आशीर्वाद से मूलांक 3 वाले बच्चे जन्म से ही असाधारण रूप से बुद्धिमान होते हैं। उनकी ग्रहणशीलता और समझने की क्षमता इतनी तीव्र होती है कि वे किसी भी कूट विषय को केवल देखने या सुनने मात्र से तुरंत सीख लेते हैं। ये बच्चे पढ़ाई-लिखाई में गहरी रुचि रखते हैं और स्कूल-कॉलेज में हमेशा शीर्ष स्थान (टॉप) हासिल करते हैं। बहुत कम उम्र में ही ये समाज में अपनी एक अनूठी और विधिक पहचान बना लेते हैं।
इसके साथ ही, बड़ों का आदर करना और माता-पिता की आज्ञा का पालन करना इनके मूल स्वभाव में शामिल होता है। ये एक अनुशासित जीवन जीना पसंद करते हैं। बौद्धिक क्षमताओं के अलावा ये चित्रकारी, कला और लेखन जैसी रचनात्मक विधाओं में भी निपुण होते हैं। इनके चेहरे पर एक दिव्य आभा होती है और ये हमेशा मुस्कुराते रहते हैं, जिससे लोग इनकी ओर आसानी से आकर्षित हो जाते हैं।
धार्मिक प्रवृत्ति और ऊंचे ख्वाब
इन चार तारीखों (3, 12, 21 और 30) को जन्मे लोग बेहद महत्वाकांक्षी माने जाते हैं। ये बचपन से ही बड़े सपने देखते हैं और अपनी अटूट इच्छाशक्ति के बल पर उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत भी करते हैं। ये स्वभाव से काफी धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। तीर्थयात्राएं करना, दान-पुण्य करना और आध्यात्मिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना इन्हें आंतरिक शांति और अपार आनंद प्रदान करता है। विपरीत परिस्थितियों में भी बिना निराश हुए मुस्कुराते रहना इनकी सबसे बड़ी विधिक ताकत होती है।
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