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होलाष्टक के 8 दिनों में बस कर लें ये काम, पूरे साल घर में नहीं भटकेगी निगेटिविटी

होलाष्टक के 8 दिनों में बस कर लें ये काम, पूरे साल घर में नहीं भटकेगी निगेटिविटी

फाल्गुन पूर्णिमा से पहले आने वाले आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। 24 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक यह अवधि रहेगी। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 19 Feb 2026 01:26:21 PM (IST)Updated Date: Thu, 19 Feb 2026 01:46:44 PM (IST)

होलाष्टक में दूर करें निगेटिविटी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 24 फरवरी से शुरू होंगे होलाष्टक।
  2. 3 मार्च को होलिका दहन समापन।
  3. आठ दिन शुभ कार्य वर्जित माने।

धर्म डेस्क। फाल्गुन मास की पूर्णिमा से पहले आने वाले आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। यह अवधि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि इन आठ दिनों में भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद को अत्याचार सहने पड़े थे। इसी कारण यह समय तप, साधना और भक्ति के लिए उपयुक्त माना जाता है, जबकि विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, जिससे मांगलिक कार्यों का अपेक्षित फल नहीं मिलता।

कब से कब तक रहेंगे होलाष्टक

पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से प्रारंभ होकर 3 मार्च तक रहेंगे। 3 मार्च को होलिका दहन के साथ इनका समापन होगा। इसके अगले दिन रंगों का पर्व होली मनाया जाएगा।

क्यों वर्जित माने जाते हैं शुभ कार्य

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के दौरान किए गए मांगलिक कार्यों में बाधा आने की आशंका रहती है। इसलिए इस अवधि में शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत टालने की परंपरा है। हालांकि पूजा-पाठ, जप-तप और आत्मचिंतन के लिए यह समय अत्यंत फलदायी माना गया है।

नकारात्मकता दूर करने के उपाय

होलाष्टक के दौरान कुछ सरल उपाय अपनाकर घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर की जा सकती है। प्रतिदिन स्नान के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें। सुबह-शाम गुग्गुल, लोबान या कपूर से धूप देने से वातावरण शुद्ध होता है।

मुख्य द्वार पर हल्दी और कुमकुम का छिड़काव करने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ फलदायी माना गया है। साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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