पुरुषोत्तम मास में शुभ मांगलिक कार्य तथा खरीदी पर रोक लगी हुई थी। पुरुषोत्तम मास समाप्त होते ही सभी शुभ मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। खास बात य …और पढ़ें
Publish Date: Tue, 16 Jun 2026 12:37:55 PM (IST)Updated Date: Tue, 16 Jun 2026 12:37:55 PM (IST)
HighLights
- सोमवती अमावस्या पर ज्येष्ठ अधिक मास का समापन हो गया
- बुधवार से एक बार फिर विवाह आदि शुभ मांगलिक कार्यों का श्री गणेश हो गया है
- 18 जून को खरीदी के महामुहूर्त गुरुपुष्य नक्षत्र की साक्षी रहेगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सोमवती अमावस्या पर ज्येष्ठ अधिक मास का समापन हो गया है। बुधवार से एक बार फिर विवाह आदि शुभ मांगलिक कार्यों का श्री गणेश होगा।
18 जून को खरीदी के महामुहूर्त गुरुपुष्य नक्षत्र की साक्षी रहेगी। इस दिन सोने, चांदी के आभूषण, रत्न, पात्र, वाहन तथा इलेक्ट्रानिक उत्पादों की खरीदी विशेष शुभ मानी गई है। भूमि,भवन की खरीदी के लिए भी यह दिन सर्वश्रेष्ठ है।
ज्योतिर्विद पं.हरिहर पंड्या ने बताया पुरुषोत्तम मास में शुभ मांगलिक कार्य तथा खरीदी पर रोक लगी हुई थी। पुरुषोत्तम मास समाप्त होते ही सभी शुभ मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। खास बात यह है कि अधिकमास समाप्त होने के साथ गुरु पुष्य नक्षत्र का महासंयोग निर्मित हुआ है।
मान्यता है पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई वस्तु स्थायी समृद्धि प्रदान करती है
यह योग सोने, चांदी, हीरे, मोती, राशि रत्न, मूर्तियां, तांबे पीतल के बर्तन, दो व चार पहिया वाहन तथा टीवी, फ्रीज, कम्प्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप आदि इलेक्टानिक्स आइटम की खरीदी के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई वस्तु स्थायी समृद्धि प्रदान करती है। इसलिए गुरुवार को हर प्रकार की खरीदी में नक्षत्रों के राजा पुष्य का लाभ लिया जा सकता है।
इस योग में किए गए शुभ मांगलिक कार्य व्यक्ति के मनोरथ को पूर्ण करते हैं
विशेष यह भी है कि इस दिन सूर्योदय से शाम 4 बजकर 29 मिनट तक सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग भी बन रहा है। इस योग में किए गए शुभ मांगलिक कार्य व्यक्ति के मनोरथ को पूर्ण कर जीवन को मंगलमय बनाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस प्रकार के योग संयोगों का अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी शुभता का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य अनुसार लेना चाहिए।







