इस दौरान सौरमंडल के दो सबसे चमकीले ग्रह शुक्र (वीनस) और बृहस्पति (जुपिटर) पश्चिमी आकाश में एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। खगोल विज्ञान में इस घटना …और पढ़ें
Publish Date: Mon, 08 Jun 2026 02:47:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 08 Jun 2026 02:47:19 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। खगोल प्रेमियों के लिए सोमवार से तीन दिनों के बीच शाम का आसमान एक दुर्लभ और मनमोहक खगोलीय दृश्य प्रस्तुत करने जा रहा है। इस दौरान सौरमंडल के दो सबसे चमकीले ग्रह शुक्र (वीनस) और बृहस्पति (जुपिटर) पश्चिमी आकाश में एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। खगोल विज्ञान में इस घटना को कंजंक्शन कहा जाता है।
खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, दोनों ग्रह सोमवार से एक-दूसरे के निकट आते हुए दिखाई देंगे और मंगलवार की शाम अपने सबसे नजदीकी बिंदु पर पहुंचेंगे। यद्यपि वास्तविक अंतरिक्ष में ये ग्रह करोड़ों किलोमीटर दूर हैं, लेकिन पृथ्वी से देखने पर इनका दृश्यात्मक संरेखण ऐसा होगा कि वे लगभग साथ-साथ नजर आएंगे।
उंगली की चौड़ाई के भीतर समा जाएंगे सौरमंडल के दोनों सबसे चमकीले ग्रह
उन्होंने बताया कि मंगलवार को दोनों ग्रहों के बीच की कोणीय दूरी मात्र 1.5 से 1.6 डिग्री रह जाएगी। इसे आसानी से इस तरह समझा जा सकता है कि यदि कोई व्यक्ति अपना हाथ पूरी तरह फैलाकर छोटी उंगली को आसमान की ओर उठाए, तो दोनों ग्रह उस उंगली की चौड़ाई के भीतर समा जाएंगे।
इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण या टेलीस्कोप की आवश्यकता नहीं होगी। सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में देखने पर सबसे चमकीला ग्रह शुक्र सफेद प्रकाश के साथ दमकता दिखाई देगा, जबकि उसके समीप बृहस्पति हल्की पीली-सफेद आभा बिखेरता नजर आएगा।
11 जून से दिखेगी ‘प्लैनेट परेड’, चंद्रमा भी बिखेरेगा अपनी खूबसूरती
सारिका घारू ने बताया कि 11 से 15 जून के बीच बुध ग्रह भी इस क्षेत्र में दिखाई देगा, जिससे पश्चिमी आकाश में एक आकर्षक प्लैनेट परेड बनेगी। वहीं 16 और 17 जून को हंसियाकार चंद्रमा भी इन ग्रहों के पास पहुंचकर इस दृश्य को और अधिक सुंदर बना देगा।
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खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए यह सप्ताह शाम के समय आसमान को निहारने और ब्रह्मांड की अद्भुत जुगलबंदी का आनंद लेने का सुनहरा अवसर होगा।







