देश में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसके अलावा कुछ मंदिरों में दर्शन कर आप भगवान का आशीर्वाद …और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 03:40:10 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 03:40:10 PM (IST)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व भगवान शिव और नाग देवता की आराधना से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है। 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त (सोमवार) को मनाई जाएगी। यह पावन पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। नाग पंचमी के अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध नाग मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
नाग पंचमी पर क्यों होती है सांपों की पूजा?
पौराणिक कथा के अनुसार, हस्तिनापुर के राजा जन्मेजय अपने पिता राजा परीक्षित की तक्षक नाग के काटने से हुई मृत्यु का बदला लेने के लिए ‘सर्प मेध यज्ञ’ कर रहे थे। इस शक्तिशाली यज्ञ की आहुति में संसार के समस्त सर्प और तक्षक नाग खिंचे चले आ रहे थे, जिससे नाग वंश के विनाश का खतरा मंडराने लगा।
तभी देवताओं की विनती पर आस्तिक मुनि ने यज्ञ स्थल पर पहुंचकर राजा जन्मेजय को समझाया कि सर्पों को बिना कारण मारने से प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा। पिता की मृत्यु उनके अपने कर्मों का परिणाम थी। आस्तिक मुनि के बोध कराने पर जन्मेजय ने यज्ञ रोक दिया और सावन की शुक्ल पंचमी तिथि को नागों से क्षमा मांगते हुए उनका पूजन किया। तभी से नाग पंचमी पर नागों की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है।
नाग पंचमी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 17 अगस्त 2026, सोमवार
- तिथि प्रारंभ: 16 अगस्त की शाम से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम तक। (विस्तृत पूजा मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग देखें)
नाग पंचमी पर दर्शन के लिए देश के प्रसिद्ध नाग मंदिर
- नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन (मध्य प्रदेश): यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर परिसर की ऊपरी मंजिल पर स्थित है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके कपाट साल में केवल एक बार यानी सिर्फ नाग पंचमी के दिन ही 24 घंटे के लिए खुलते हैं। यहां भगवान शिव और पार्वती जी की अद्भुत प्रतिमा शेषनाग के आसन पर विराजमान है।
मंदिर जाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- नाग पंचमी पर इन प्रसिद्ध मंदिरों में अत्यधिक भीड़ होती है, इसलिए प्रशासन-मंदिर प्रबंधन के सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- धार्मिक आस्था के नाम पर जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाने, पकड़ने या परेशान करने से बचें। केवल प्रतिमा या चित्र पर ही दूध व पूजन सामग्री का प्रतीकात्मक अर्पण करें।







