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डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तक पहुंच आसान करने के लिए फ्लिपकार्ट ने लॉन्च किया ईवी असिस्ट | Parmarth TV

डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तक पहुंच आसान करने के लिए फ्लिपकार्ट ने लॉन्च किया ईवी असिस्ट | Parmarth TV

भारत के घरेलू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने ईवी असिस्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह एक डिजिटल मार्केटप्लेस है, जिसके माध्यम से डिलीवरी एक्जीक्यूटिव्स, विशमास्टर्स किराए पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) ले सकेंगे। अभी इस सर्विस को 20 से ज्यादा शहरों में फ्लिपकार्ट मिनट्स के राइडर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। ईवी100 पहल के तहत अपनी लास्ट माइल डिलीवरी फ्लीट को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने के फ्लिपकार्ट के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह नवीनतम कदम है। पीछे सालभर में फ्लिपकार्ट की ईवी फ्लीट दोगुनी हो गई है। 2025 के त्योहारी सीजन में ईवी फ्लीट में वाहनों की संख्या 20,000 को पार गई थी। भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और ऐसे में ईवी असिस्ट का लक्ष्य इस बदलाव को ज्यादा व्यावहारिक और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए ज्यादा सुगम बनाना है।

टेक्नोलॉजी के मामले में अपनी क्षमताओं का लाभ लेते हुए फ्लिपकार्ट अपने ईवी असिस्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से भरोसेमंद ईवी फ्लीट और रेंटल प्रोवाइडर्स को एक साथ ला रहा है। इस पहल से डिलीवरी पार्टनर्स को ईवी एडॉप्शन की राह में आने वाली चुनौतियों से आसानी से पार पाने में मदद मिलेगी। किफायत, वाहन रखने का खर्च और रेंटल के सीमित विकल्प इस राह की प्रमुख चुनौतियां हैं।

लॉन्चिंग के बाद से पूरे भारत में विशमास्टर्स ईवी असिस्ट में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। दिल्ली एनसीआर, पटना और बेंगलुरु इस मामले में सबसे आगे हैं। इससे लास्ट माइल डिलीवरी एक्जीक्यूटिव्स के बीच सुगम ईवी विकल्पों की बड़ी मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।

6,000 से ज्यादा डिलीवरी पार्टनर्स से मिली जानकारी पर आधारित फ्लिपकार्ट के हालिया अध्ययन में सामने आया है कि करीब 46 प्रतिशत डिलीवरी पार्टनर्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाना चाह रहे हैं, लेकिन इस राह में फाइनेंस तक पहुंच, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम में भरोसे की कमी प्रमुख चुनौती है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि सर्वे में शामिल करीब 90 प्रतिशत डिलीवरी पार्टनर्स हर महीने पेट्रोल पर 2,000 से 5,000 रुपये तक खर्च करते हैं। वहीं एक अनुमान के मुताबिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से ईंधन की लागत 70 से 80 प्रतिशत तक कम हो सकती है। साथ ही मेंटेनेंस की जरूरत भी कम होती है। इससे डिलीवरी पार्टनर की आय 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

ईवी एडॉप्शन को बना रहे आसान और ज्यादा सुगम

ईवी असिस्ट के माध्यम से विशमास्टर्स अपने शहर और साप्ताहिक बजट के हिसाब से अलग-अलग तरह के टू-व्हीलर रेंटल ऑप्शन पा सकते हैं। 1,000 से 2000 रुपये साप्ताहिक तक की बजट रेंज में से विशमास्टर्स अपनी जरूरत के हिसाब से सिर्फ नाम और मोबाइल नंबर देकर ईवी रेंटल के लिए अपनी रुचि दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें सीधे वेरिफाइड मोबिलिटी प्रोवाइडर से संपर्क करके ऑनबोर्ड होने और वाहन पाने का विकल्प मिलता है। मोबिलिटी पार्टनर्स व्हीकल मेंटेनेंस, सर्विसिंग और ऑपरेशनल सपोर्ट भी प्रदान करते हैं, जिससे डिलीवरी पार्टनर्स के लिए ईवी ऑनरशिप में डे-टु-डे फ्रिक्शन कम होता है। इन ईवी को हाई फ्रिक्वेंसी डिलीवरी साइकिल के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें स्पीड कम्प्लायंस और जरूरी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है। आईओटी, जीपीएस ट्रैकिंग और जियोफेंसिंग समेत इंटीग्रेटेड स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लगातार एसेट मॉनिटरिंग और चोरी जैसी घटनाओं से बचाव सुनिश्चित होता है।

विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच बेहतर करने के लिए प्लेटफॉर्म को अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली और कन्नड़ समेत विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

इस लॉन्चिंग को लेकर फ्लिपकार्ट ग्रुप के चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार ने कहा, ;भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ते कदमों को अंतत: इस बात से गति मिलेगी कि हम लाखों लोगों के लिए इसे अपनाना कितना आसान और किफायती बना सकते हैं। देश के सबसे बड़े लास्ट माइल डिलीवरी नेटवर्क में से एक के साथ फ्लिपकार्ट इस बदलाव को गति देने की मजबूत स्थिति में है। और इसमें सही मायने में योगदान देने का मतलब है जमीनी स्तर पर ऐसा सिस्टम तैयार करना, जो ईवी अपनाने की प्रक्रिया को व्यावहारिक एवं सुगम बनाए। जब लाखों डिलीवरी पार्टनर्स के पास इलेक्ट्रिक वाहनों तक पहुंचने का आसान और ज्यादा किफायती रास्ता होगा, तो इसका असर हमारे ऑपरेशंस से परे और भी व्यापक पैमाने पर नजर आएगा। फ्लिपकार्ट ऐसा ही दीर्घकालिक और जिम्मेदार बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

व्यापक ईवी इकोसिस्टम का कर रहे निर्माण

ईवी असिस्ट प्लेटफॉर्म बड़े पैमाने पर ईवी एडॉप्शन के लिए इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों के तहत उठाया गया एक कदम है। प्रमुख डिलीवरी हब और ज्यादा मांग वाले रास्तों पर चार्जिंग सॉल्यूशंस को विस्तार देने के लिए फ्लिपकार्ट विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है। साथ ही ओईएम और फाइनेंसर्स के साथ मिलकर डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इन वाहनों को लेने की प्रक्रिया को ज्यादा व्यावहारिक बनाने के लिए भी काम कर रहा है। अंतिम छोर तक डिलीवरी के अलावा फ्लिपकार्ट ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मिड-माइल रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन भी शुरू किया है। इनमें एनसीआर-जयपुर और एनसीआर-आगरा रूट शामिल हैं। यह बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के डीकार्बनाइजेशन की दिशा में उठाया गया शुरुआती कदम है।

भारत के सबसे बड़े डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म के तौर पर फ्लिपकार्ट यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इसकी व्यापकता पूरे सप्लाई चेन, सेलर इकोसिस्टम और आसपास के समुदायों के बीच सकारात्मक बदलाव का माध्यम बने।

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