Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

24 घंटे में इंस्टाग्राम पर दोगुने हो गए हैं कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोअर्स | Parmarth TV Rajasthan की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होगा मतदान, इन सांसदों का खत्म हो रहा है कार्यकाल | Parmarth TV राहुल गांधी के बारे में मदन दिलावर के विवादित बयान को लेकर Jully ने बोल दी है बड़ी बात, कहा- जो व्यक्ति स्वयं… | Parmarth TV अमेरिका फिर से करने वाला है ईरान पर हमला! डोनाल्ड ट्रंप ने अब उठा लिया है ये बड़ा कदम | Parmarth TV NEET Paper Leak: सीकर के छात्र ने की थी आत्महत्या, अब राहुल गांधी ने परिजनों को दिया ये आश्वसान | Parmarth TV China: कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 लोगों की मौत, बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा | Parmarth TV Jaipur: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 420 युवाओं को दी बड़ी सौगात, ये बड़ा ऐलान भी किया | Parmarth TV PM Kisan Scheme: इस महीने में जारी होगी 23वीं किस्त! | Parmarth TV Aadhaar Card: अब इस तारीख तक फ्री में अपडेट करवा सकते हैं आधार कार्ड, बढ़ गई है समय सीमा | Parmarth TV अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी Ivanka Trump को मिली जान से मारने की धमकी | Parmarth TV

उत्तराखंड में खतरनाक संकेत – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

उत्तराखंड में खतरनाक संकेत – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

सवाल पोस्टर लगाने वाले व्यक्तियों की पहचान और उन पर ऐसी कार्रवाई का है, जिससे समाज में इस तरह के विभेद पैदा करने वाले तत्वों को सख्त संदेश जा सके। अपराध कोई व्यक्ति करता है। इसके लिए किसी पूरे समुदाय को निशाना बनाना तार्किक नहीं है।

खबरों के मुताबिक उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला में नाबालिग लड़की को अगवा करने के प्रयास के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। एक संगठन की तरफ से ऐसे पोस्टर लगाए हैं, जिनमें अल्पसंख्यकों से अपनी दुकानों को खाली करने को कहा गया है। खबर है कि ये पोस्टर पुरोला में लगाए गए हैं, जहां के मुख्य बाजार में करीब 700  दुकानें हैं, जिनमें 40 दुकानें मुसलमानों की हैं। उत्तरकाशी जिले में स्थित इस कस्बे में ‘देवभूमि रक्षा अभियान’ नाम के संगठन की तरफ से भड़काऊ पोस्टर चिपकाए गए हैं। जाहिर है, पोस्टर लगाए जाने के बाद से अल्पसंख्यक समुदाय में डर पैदा हुआ है और वहां के व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस को बेशक इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। चूंकि यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो चुकी है, इस बारे में राज्य सरकार को भी अवश्य सूचना मिली होगी।

बेहतर यह होता कि राज्य सरकार इस मामले में फुर्ती दिखाती, आशंकित समुदाय को आश्वस्त करती और पोस्टर लगाने वाले संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की शुरूआत कर दी जाती। लेकिन आज के राजनीतिक माहौल में ऐसी साधारण अपेक्षाएं भी कई बार बेमतलब लगने लगती हैँ। अब तक मिली खबरों के मुताबिक पुलिस ने स्थानीय व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों के साथ भी बैठक की है और उनसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। साथ ही पोस्टरों को हटा दिया गया है। यह स्वागतयोग्य बात है। यहां यह गौरतलब है कि अपराध कोई व्यक्ति करता है। इसके लिए किसी पूरे समुदाय को निशाना बनाना ना तो तार्किक है और ना ही इसकी किसी सभ्य समाज इजाजत होनी चाहिए। मौजूदा घटना बीते दिनों हुई एक आपराधिक घटना से जुड़ी बताई गई है। बीते 26  मई को दो लोगों ने इस इलाके से एक नाबालिग को अगवा करने की कोशिश की थी। स्थानीय लोगों ने लड़की को अगवा से होने बचा लिया और पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार भी कर लिया था। अब पुलिस का फर्ज है कि दूसरे अपराध के मामले में भी वह इतनी ही चुस्ती दिखाए।

Trending News