Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

24 घंटे में इंस्टाग्राम पर दोगुने हो गए हैं कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोअर्स | Parmarth TV Rajasthan की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होगा मतदान, इन सांसदों का खत्म हो रहा है कार्यकाल | Parmarth TV राहुल गांधी के बारे में मदन दिलावर के विवादित बयान को लेकर Jully ने बोल दी है बड़ी बात, कहा- जो व्यक्ति स्वयं… | Parmarth TV अमेरिका फिर से करने वाला है ईरान पर हमला! डोनाल्ड ट्रंप ने अब उठा लिया है ये बड़ा कदम | Parmarth TV NEET Paper Leak: सीकर के छात्र ने की थी आत्महत्या, अब राहुल गांधी ने परिजनों को दिया ये आश्वसान | Parmarth TV China: कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 लोगों की मौत, बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा | Parmarth TV Jaipur: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 420 युवाओं को दी बड़ी सौगात, ये बड़ा ऐलान भी किया | Parmarth TV PM Kisan Scheme: इस महीने में जारी होगी 23वीं किस्त! | Parmarth TV Aadhaar Card: अब इस तारीख तक फ्री में अपडेट करवा सकते हैं आधार कार्ड, बढ़ गई है समय सीमा | Parmarth TV अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी Ivanka Trump को मिली जान से मारने की धमकी | Parmarth TV

भारत आकर क्यों घिरे? – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

भारत आकर क्यों घिरे? – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

इल्जाम है कि पिछले हफ्ते हुई भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री दहल ने नेपाल को पूरी तरह भारत पर निर्भर बना दिया। जबकि इस यात्रा के दौरान नेपाल को ज्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ।

नेपाल के विपक्षी दलों के साथ-साथ बुद्धिजीवियों और मीडिया का एक बड़ा हिस्सा भी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल को घेरने में जुट गया है। उनका इल्जाम है कि पिछले हफ्ते हुई भारत यात्रा के दौरान दहल ने नेपाल को पूरी तरह ‘भारत पर निर्भर’ बना दिया। इस यात्रा के दौरान नेपाल को ज्यादा कुछ हासिल नहीं हुआ। कहा गया है कि दहल सीमा विवाद, विमान रूट, पंचेश्वर परियोजना के बारे में नेपाल की मांगों पर भारत को राजी नहीं कर पाए। जबकि उनकी यात्रा के दौरान यही तीन प्रमुख मसले थे। इसके बजाय दहल ने दोनों देशों के बीच इलाकों की अदला-बदली की बात की है। नेपाल में इसका यह अर्थ निकाला गया है कि नेपाली प्रधानमंत्री ने भारत को यह संकेत दे दिया है कि नेपाल कालापानी इलाके पर से अपना दावा छोड़ने को तैयार है। दहल की भारत यात्रा शुरू होने से ठीक पहले नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाल के विवादित नागरिकता विधेयक पर दस्तखत कर दिया था। विपक्ष का आरोप है कि ऐसा भारत सरकार को खुश करने के लिए किया गया। इसके अलावा कभी अपने को धर्म निरपेक्ष राजनीति का चेहरा बताने वाले दहल ने मध्य प्रदेश में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर का दौरा किया।

इसे भी भारत की मौजूदा सरकार को खुश करने की कोशिश बताया गया है। आलोचकों ने कहा है कि भारत में दहल का स्वागत संदेह के साथ किया गया। वहां उन्हें एक कमजोर गठबंधन के नेता के तौर पर देखा गया है। साथ ही उनकी ‘चाइना मैन’ की छवि के कारण भी भारत सरकार ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया। नेपाल में परंपरा रही है कि वहां प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई नेता अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत जाता है। आलोचकों ने कहा है कि दहल ने यह रस्म-अदायगी की, लेकिन वे अपने देश के लिए कुछ हासिल नहीं कर पाए। इस सिलसिले में दहल की जल्द ही संभावित चीन यात्रा की चर्चा शुरू हो गई है। क्या चीन में दहल कुछ ज्यादा हासिल कर पाएंगे? या वहां उनकी अब उनकी भारत समर्थक की बनी छवि आड़े आ जाएगी- यह सवाल उठाया जा रहा है।



Trending News