वैंकूवर, मलकीत सिंह। जहां एक ओर कुछ पुलिस कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली लापरवाहियां पूरे पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब पुलिस के कुछ जागरूक अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यों में योगदान देकर विभाग का नाम रोशन कर रहे हैं। उनके ये सराहनीय प्रयास पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। इसी प्रकार के समाज सेवा के कार्यों में लगातार सक्रिय हैं पंजाब पुलिस के अमृतसर ट्रैफिक विंग में इंचार्ज के रूप में कार्यरत सब इंस्पेक्टर दलजीत सिंह गोराया।
सन् 1987 में पंजाब पुलिस में भर्ती हुए जिला गुरदासपुर के गांव फैजुला चक्क के निवासी सब इंस्पेक्टर दलजीत सिंह गोराया ने अपने साथियों के साथ मिलकर समाज सेवा कार्यों की शुरुआत कोरोना काल के दौरान की। इस कठिन समय में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर जरूरतमंद और भूखे परिवारों को राशन उपलब्ध करवाया। इसी दौरान अमृतसर में लावारिस हालत में मिली 8 लाशों का अंतिम संस्कार भी करवाया गया।
कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी उन्होंने समाज सेवा के कार्य जारी रखते हुए जरूरतमंद बच्चों को कॉपियां और पेन बांटने का सिलसिला शुरू किया। इसके साथ ही गरीब परिवारों की 98 लड़कियों के विवाह में उनके माता-पिता की आर्थिक सहायता की। इसके अलावा करीब 200 नेत्र रोगियों के ऑपरेशन करवाए गए तथा कुछ दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाने में भी सहायता की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि नशे की दलदल से बाहर आ चुके 50 बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए उनकी टीम द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट वितरित करने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने वाले लोगों को गुलाब के फूल देकर सम्मानित करने की अनोखी पहल भी शुरू की गई है।
अंत में दलजीत सिंह गोराया ने बताया कि समाज सेवा के इन कार्यों के लिए उन्हें पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, ट्रैफिक विंग के डीजीपी ए.एस. राय सहित पंजाब पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा केंद्र सरकार तथा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश की राज्य सरकारों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।







