इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की ओर से बड़ा बयान आया है। ईरान ने बोल दिया कि वह होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल अपने खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने देगा। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कहा था कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और यहां किसी एक देश का कब्जा नहीं हो सकता। दुनिया के सभी जहाजों को यहां से गुजरने की आजादी होगी।
खबरों के अनुसार, यूएन सुरक्षा परिषद में ईरान के राजदूत अमीर-सईद इरावानी ने बोल दिया कि होर्मुज ईरान की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़ा है। होर्मुज में ईरान की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक है और किसी भी तरह की दखल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर सहमत हो गए हैं। हालांकि इस पर ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि इसका मकसद संघर्ष विराम बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक बातचीत शुरू करना है। प्रस्तावित समझौते में होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहने की बात भी है।
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कर दिया है ये दावा
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने की ओर से भी एक बड़ा दावा किया गया है। उन्होंने दावा कर दिया कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में कई बड़े और अहम समझौते किए हैं। ईरान ने केवल होर्मुज को पूरी तरह खोलने पर ही सहमति नहीं दी है, बल्कि कई और रियायतें भी दी हैं।
PC: jansatta
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