इंटरनेट डेस्क। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की है। इस मामले में देश के शीर्ष कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (एनटीए) को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय ने इस घटना को युवाओं के लिए बेहद दुखद बताते हुए कहा कि जो हुआ वह बेहद दुखद है, युवाओं को इस तरह निराश नहीं किया जा सकता। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने एनटीए को फटकारते हुए बोल दिया कि आपने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया।
खबरों के अनुसार, मामले में न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, ये घटनाएं रुकेंगी नहीं। यूपीएससी में तो ऐसी समस्या नहीं आई। एनटीए को उनसे सीखने की जरूरत है।
इस दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने शिक्षा मंत्रालय से नीट-यूजी परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया का ब्योरा मांगा है। एनटीए ने कोर्ट में कहा कि पेपर लीक के बाद बड़े लेवल पर सुरक्षा सुधार किए हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को जानकारी दी कि हम युवाओं की चिंताओं को लेकर गंभीर हैं। 21 जून को होने वाले नीट-यूजी री-टेस्ट के लिए कुछ नए तरीके अपनाए गए हैं।
21 जून को फिर से होगी नीट परीक्षा
आपको बता दें कि देशभर में 3 मई को नीट-यूजी परीक्षा हुई थी। 7 मई की शाम पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का ऐलान हुआ। अब ये परीक्षा फिर से 21 जून को करवाई जाएगी।
PC: britannica
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें








