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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर से प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने तो इस मामले में सरकार सरकार बर्खास्त होने तक की बात बोल दी है।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव न होना कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन की तरह, सरकार बर्खास्त होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गवर्नर साहब को और राष्ट्रपति को इंटरवीन करना चाहिए। जिस प्रकार का ये कानून उल्लंघन कर रहे हैं, ये सरकार कैसे रह सकती है? ये संविधान की मूल भावना को चोट कर रहे हैं तो, ये संविधान के ब्रेकडाउन की तरह है। इस सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। अब बर्खास्त कौन करे? बर्खास्त करने वाले इनके पार्टनर हैं, डबल इंजन जो ये कहते हैं, एक बड़ा इंजन दिल्ली के अंदर है और वही बर्खास्त कर सकता है। ये उनके चहेते हैं तो इन लोगों को क्या बर्खास्त करेंगे। बर्खास्त करने लायक केस है ये। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है, हाई कोर्ट कह चुका है, जब उनकी बात नहीं मानी गई है, इससे बड़ा कांस्टीट्यूशनल ब्रेकडाउन क्या होगा? मेरा ये मानना है।
दुर्भाग्य से न गवर्नर साहब कुछ बोल पा रहे हैं, ना केन्द्र सरकार कुछ बोल पा रही
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि दुर्भाग्य से न गवर्नर साहब कुछ बोल पा रहे हैं, ना केन्द्र सरकार कुछ बोल पा रही है। इसलिए मैंने कल कहा था कि राष्ट्रपति महोदय को आगे आना चाहिए, गवर्नर साहब को बात करनी चाहिए कि चुनाव टाइम पर हो, किसी ढंग से हो। हमने भी एक बार प्रयास किया था कि पोस्टपोन कर देंगे चुनाव को, कर्मचारियों की स्ट्राइक चल रही थी, हमें मना कर दिया गया और उस स्ट्राइक में हमने चुनाव करवाए थे। कोई न कोई रास्ता निकल सकता है। इतने घबराए हुए हैं ये लोग चुनाव से, पता नहीं साफ हो जाएंगे, इसलिए चुनाव नहीं करवा रहे हैं।
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