जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब कोटा की दरा घाटी में रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान दो इंजीनियरों की मिट्टी में दबकर हुई मौत को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को निशाने पर लिया है। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि राजस्थान के कोटा की दरा घाटी में रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान दो इंजीनियरों की मिट्टी में दबकर हुई मौत केवल हादसा नहीं, बल्कि रेलवे व्यवस्था की लापरवाही का आईना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सवाल ये है कि जब “विकास”के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तब निर्माण स्थलों पर काम करने वाले इंजीनियर और मजदूर खुद सुरक्षित क्यों नहीं हैं ? आखिर कब तक चमकते उद्घाटनों और विज्ञापनों के पीछे सुरक्षा की बदहाली छुपाई जाएगी ? क्या रेलवे में अब जवाबदेही सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गई है? हर हादसे के बाद जांच और संवेदनाओं का वही घिसा-पिटा बयान सरकार में बैठे जिम्मेदारों का आता है, लेकिन जिम्मेदारी तय क्यों नहीं होती ?
आज जनता यह पूछ रही है कि जिन लोगों के कंधों पर रेलवे का विकास खड़ा है, अगर वही सुरक्षित नहीं हैं तो यह विकास नहीं, संवेदनहीनता है। भारत सरकार को इस प्रकरण का जवाब देना चाहिए कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है ? मेरी संवेदनाएं दिवंगत अभियंताओं के शोकाकुल परिजनों के साथ है।
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