इंटरनेट डेस्क। भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है। विश्व में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं, उनका मकसद सत्ता परिवर्तन कर हालात सुधारना नहीं, बल्कि अपने पिट्ठू बैठाना है। ये बात आज आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव के दौरान कही है।
आरएसएस के इस कार्यक्रम में मोहन भागवन ने ये भी बोल दिया कि कुछ लोग भारत और हिंदू समाज को तोड़ना चाहते हैं और उन्हें ऐसे नेताओं का भी समर्थन मिलता है। मोहन भागवत ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि समस्याओं के कारण आंदोलन होते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य समाधान होना चाहिए, न कि समाज में द्वेष और विभाजन पैदा करना।
इस दौरान भागवत ने पर बंगाल का विभाजन का भी जिक्र किया। लॉर्ड कर्जन ने हिंदू-मुस्लिम आधार पर बंगाल का विभाजन किया था, जिसे चार साल बाद वापस लेना पड़ा। हालांकि देश का विभाजन नहीं रुक सका, क्योंकि लोगों के मन में आ गया था कि जो अलग दिखते हैं, वे अलग ही हैं।
PC: aajtak
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