देवी-देवताओं की मूर्तियां सिर्फ श्रद्धा का प्रतीक नहीं होतीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी मानी जाती हैं। …और पढ़ें
Publish Date: Mon, 18 May 2026 03:01:05 PM (IST)Updated Date: Mon, 18 May 2026 03:01:05 PM (IST)
HighLights
- खंडित मूर्तियों की पूजा नहीं मानी जाती शुभ
- वास्तु के अनुसार साफ-सफाई रखना जरूरी
- टूटी मूर्तियों का सम्मानपूर्वक करें विसर्जन
धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में घर के मंदिर को बेहद पवित्र स्थान माना जाता है। यहां रखी देवी-देवताओं की मूर्तियां सिर्फ श्रद्धा का प्रतीक नहीं होतीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी मानी जाती हैं। ऐसे में अगर घर में बार-बार मूर्तियां टूटने लगें, तो कई लोग इसे लेकर चिंतित हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में खंडित मूर्तियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं।
गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र में क्या है मान्यता
गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटी या खंडित मूर्तियों की पूजा करना उचित नहीं माना गया है। मान्यता है कि ऐसी मूर्तियां पूजा स्थल की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकती हैं। धार्मिक दृष्टि से देवी-देवताओं की मूर्तियों को सम्मान देना जरूरी माना गया है, इसलिए मूर्ति टूट जाने पर उसे बदल देना शुभ बताया गया है।
वास्तु शास्त्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार मूर्तियां टूटने के पीछे कुछ कारण हो सकते हैं। इनमें पूजा स्थान का गलत दिशा में होना, मंदिर के आसपास गंदगी या भारी सामान रखना, नियमित पूजा-पाठ और साफ-सफाई का अभाव या फिर बहुत पुरानी और कमजोर मूर्तियां शामिल हैं। हालांकि, हर बार इसे अशुभ संकेत मानना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि कई बार सामान्य वजहों से भी मूर्तियां टूट सकती हैं।
टूटी मूर्तियों का क्या करना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी हुई मूर्तियों को लंबे समय तक घर में नहीं रखना चाहिए। उन्हें सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी, तालाब या पीपल के पेड़ के नीचे विसर्जित करना शुभ माना जाता है। साथ ही नई मूर्ति स्थापित करने से पहले पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई और शुद्धिकरण करने की सलाह दी जाती है।
घर का मंदिर किस जगह पर होना चाहिए
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर का मंदिर हमेशा साफ-सुथरा और शांत वातावरण वाला होना चाहिए। मंदिर में अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए और नियमित रूप से दीपक जलाना व पूजा करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि सही दिशा में बना मंदिर और वहां बनी सकारात्मक ऊर्जा घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने में मदद करती है।
यह भी पढ़ें- Shani Jayanti 2026: शनि देव को तेल चढ़ाते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना भुगतने पड़ सकते हैं भारी परिणाम







