Vastu Tips: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में स्वच्छता को लक्ष्मी का वास माना गया है, लेकिन इसके लिए समय और दिन का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। ज्योतिषियों …और पढ़ें
Publish Date: Sat, 24 Jan 2026 06:22:59 PM (IST)Updated Date: Sat, 24 Jan 2026 06:22:59 PM (IST)
HighLights
- वास्तु शास्त्र में कपड़े धोने का सही समय और नियम
- सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले निपटाएं काम
- नकारात्मकता दूर करने के लिए नमक का टोटका
धर्म डेस्क। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान में दैनिक जीवन की आदतों को भाग्य से जोड़कर देखा जाता है। अक्सर हम अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी कपड़े धो लेते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार, गलत समय या गलत दिन पर की गई सफाई सुख-समृद्धि को ‘धो’ सकती है।
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में स्वच्छता को लक्ष्मी का वास माना गया है, लेकिन इसके लिए समय और दिन का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। ज्योतिषियों का मानना है कि सप्ताह के कुछ खास दिनों में कपड़े धोने से ग्रहों की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसका सीधा असर आपकी जेब और मानसिक शांति पर पड़ता है। यहां जानिए कपड़े धोने से जुड़े वे नियम, जो आपके घर में खुशहाली और बरकत बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं…
इन 3 दिनों में भूलकर भी न धोएं कपड़े
- गुरुवार (भगवान विष्णु का दिन): गुरुवार को कपड़े धोना सबसे अधिक वर्जित माना गया है। बृहस्पति देव को सुख, सौभाग्य और धन का कारक माना जाता है। इस दिन साबुन का उपयोग करने या कपड़े धोने से कुंडली में ‘गुरु’ कमजोर होता है, जिससे आर्थिक प्रगति बाधित होती है और घर में दरिद्रता आ सकती है।
- मंगलवार (हनुमान जी का दिन): मंगलवार को कपड़े धोना घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और स्वभाव पर असर डालता है। मान्यता है कि इस दिन सफाई के भारी काम करने से घर में अकारण कलह और तनाव बढ़ता है।
- शनिवार (न्याय के देवता का दिन): शनिवार को गंदे कपड़ों की सफाई या पानी की अत्यधिक बर्बादी शनि दोष का कारण बन सकती है। इससे कार्यों में बाधाएं आती हैं और सफलता मिलने में देरी होती है।
रात में कपड़े सुखाना है खतरनाक
- आजकल की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग रात को कपड़े धोकर बाहर फैला देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार यह एक गंभीर दोष है।
- सूर्यास्त के बाद वातावरण में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है, जो गीले कपड़ों द्वारा सोख लिया जाता है। ऐसे कपड़े पहनने से मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।
- सूरज की पराबैंगनी किरणें (UV Rays) कपड़ों के कीटाणुओं को नष्ट करती हैं। रात में धूप न मिलने के कारण कपड़ों में नमी और सूक्ष्म जीवाणु रह जाते हैं, जो त्वचा संबंधी रोगों का कारण बन सकते हैं।
बरकत के लिए अपनाएं ये शुभ आदतें
- ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का समय: कपड़े धोने के लिए सूर्योदय के बाद का समय सबसे उत्तम है। इससे कपड़ों में सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- विशेष तिथियों का सम्मान: एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा जैसी पवित्र तिथियों पर कपड़े धोने से बचना चाहिए। इन दिनों को दान-पुण्य और शांति के लिए सुरक्षित रखें।
- चुटकी भर नमक का चमत्कार: यदि घर में अक्सर अशांति रहती है, तो कपड़े धोने के पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (Sea Salt) मिला दें। यह कपड़ों से नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर सकारात्मकता का संचार करता है।
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नियमों का पालन करना केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि अनुशासन और ऊर्जा के प्रबंधन का तरीका है। अगर आप भी गुरुवार या मंगलवार को कपड़े धोते हैं, तो आज ही अपनी इस आदत को बदलें और देखें कि कैसे आपके घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







