Laddu Gopal Ke Seva Niyam: प्रख्यात धर्मगुरु प्रेमानंद महाराज जी ने लड्डू गोपाल को यात्रा में साथ ले जाने पर अपनी राय दी है। उन्होंने बताया है कि क्या ऐसा करना उचित है?
By Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 09 Jul 2025 12:42:52 PM (IST)
Updated Date: Wed, 09 Jul 2025 12:42:52 PM (IST)
HighLights
- लड्डू गोपाल को बालक स्वरूप मानकर सेवा करते हैं भक्त।
- लड्डू गोपाल को पूजा के नियम काफी कड़े होते हैं।
- पूजा वाले घर में आचरण शास्त्रों के विरुद्ध नहीं होना चाहिए।
धर्म डेस्क, इंदौर। भगवान कृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल को पूजा के नियम कड़े होते हैं। भक्त उनको बच्चों की तरह पालते हैं। उनकी हर जरूरत का खास ध्यान रखा जाता है। भक्त यात्रा के दौरान तक उनको अपने साथ लेकर चले जाते हैं। कई बार सवाल उठता है कि क्या ऐसा करना ठीक है?
इस सवाल का जवाब प्रख्यात धर्मगुरु प्रेमानंद महाराज जी ने दिया है…
प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि लड्डू गोपाल की प्रतिमा यात्रा के दौरान लेकर जा सकते हैं। उस तस्वीर के जरिए घर पर रखे लड्डू गोपाल की सेवा करते रहें, जिससे उनका आशीर्वाद मिलता रहेगा।
शास्त्र विरुद्ध न करें आचरण
प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि आपके घर में ठाकुर जी की पूजा होती है, तो आचरण शास्त्रों के विरुद्ध नहीं होना चाहिए। इस तरह के घर में कभी भी सौभाग्य का वास नहीं होता है। भगवान कभी भी आशीर्वाद नहीं देते हैं।
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लड्डू गोपाल को दुलारते हुए न बनाएं वीडियो
प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि सोशल मीडिया के दौर में भक्त लड्डू गोपाल को नहलाते, भोग लगाते, श्रृंगार करते या फिर दुलारते समय वीडियो बनाते हैं। उसको फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
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यात्रा पर लड्डू गोपाल को न ले जाएं
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि लड्डू गोपाल के नियम बहुत ही कड़े हैं। हर कोई उनको नहीं कर पाता है। यात्रा के दौरान उन नियमों का पालन करना असंभव है। यात्रा के दौरान लघुशंका या शौच के लिए जाते हैं। इस दौरान नहाना संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में एक ही कार में आप और लड्डू गोपाल होंगे। यह पाप का भागी बनाएगा। भलाई इसी में है कि उनको यात्रा में अपने साथ लेकर न जाएं।







