Vastu Tips for Ganesha: अगर आप घर में सुख-समृद्धि, शांति चाहते हैं, तो इसके लिए घर में गणेश जी की मूर्ति को विराजमान करें। लेकिन आपको गणेश जी की मूर्त …और पढ़ें
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 06:18:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 06:18:55 PM (IST)
धर्म डेस्क। अगर आप घर में सुख-समृद्धि, शांति चाहते हैं, तो इसके लिए घर में गणेश जी की मूर्ति को विराजमान करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में गणेश जी की मूर्ति होने से काम में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
ऐसा माना जाता है कि गलत मुद्रा और गलत दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति को रखने से परिवार के सदस्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कैसी होनी चाहिए गणेश जी की मूर्ति और दिशा के नियम के बारे में।
बैठी या खड़ी मुद्रा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बैठी हुई मुद्रा वाली गणेश जी की मूर्ति को शुभ माना जाता है। इस तरह की मूर्ति को घर में विराजमान करने से घर में धन और खुशियों का आगमन होता है। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच सुख-शांति बनी रहती है।
घर में भगवान गणेश की खड़ी मुद्रा वाली मूर्ति को नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, खड़ी मुद्रा वाली मूर्ति को ऑफिस या दुकान में रखना चाहिए, जिससे काम में गति बनी रहे।
सूंड की दिशा का महत्व (बाईं या दाईं ओर)
बाई तरफ मुड़ी हुई सूंड वाले गणपति की मूर्ति को घर में विराजमान करना चाहिए। बाई तरफ की मुड़ी हुई सूंड वाले गणेश जी की साधना करने से घर में सुख और शांति का आगमन होता है।
दाई तरफ मुड़ी सूंड वाले गणेश जी को सिद्धि विनायक कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि सिद्धि विनायक की पूजा में कोई चूक हो जाए, तो दोष लगता है। ऐसी मूर्ति को मंदिरों में ही रखा जाता है।
सही दिशा और स्थापना के नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में गणेश जी की मूर्ति को विराजमान करने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। इसके अलावा उत्तर या पश्चिम दिशा में भी गणेश जी को विराजमान किया जा सकता है। इस नियम का पालन करने से गणेश जी की पूजा सफल होती है और जीवन में कोई बाधा नहीं आती।
इन बातों का रखें ध्यान
मूर्ति को लेते समय ध्यान रखें कि गणेश जी के हाथ में मोदक जरूर होना चाहिए। साथ ही मूर्ति में गणेश जी का वाहन मूषक होना चाहिए। इन दोनों चीजों के बिना गणपति बप्पा की मूर्ति अधूरी मानी जाती है।







