टीम ने विश्व में खोज की है, लेकिन पूरे ब्रह्मांड में डॉक्टर हनुमान और उनका सखी स्वरूप कहीं और नहीं है। …और पढ़ें
Publish Date: Fri, 22 May 2026 07:53:31 AM (IST)Updated Date: Fri, 22 May 2026 07:55:15 AM (IST)
HighLights
- वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की टीम ने खुद खोजा इतिहास
- दंदरौआ धाम पहुंचे रिकॉर्ड्स के सीईओ
- बिना किसी आवेदन के मिला सम्मान
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम की अलौकिक महिमा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने अब वैश्विक पटल पर अपनी जगह बना ली है। धाम में सखी रूप में विराजमान डाक्टर हनुमान को वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया का प्रमाण पत्र सौंपकर सम्मानित किया गया।
धाम के पीठाधीश महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने गुरुवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह सब हनुमान जी की इच्छा और उनकी अद्भुत कृपा से संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सम्मान के लिए कभी कोई प्रयास या आवेदन नहीं किया गया।
वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया की टीम ने खुद हमसे संपर्क कर बताया कि उन्होंने पूरे विश्व में खोज की है, लेकिन पूरे ब्रह्मांड में डॉक्टर हनुमान और उनका सखी स्वरूप कहीं और नहीं है। हनुमान जी के इस ऐतिहासिक स्थान के प्रभाव के कारण ही इसे वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी ने कहा कि हमारी टीम बहुत कम ऐसे स्थानों पर स्वयं जाकर अवार्ड प्रदान करती है।







