कुंडली में कमजोर ग्रह आर्थिक तंगी और कर्ज का कारण बन सकते हैं। रत्न शास्त्र में मूंगा, पुखराज और गोमेद धारण करने की सलाह दी गई है, जो वित्तीय स्थिति स …और पढ़ें
Publish Date: Sat, 06 Jun 2026 05:26:05 PM (IST)Updated Date: Sat, 06 Jun 2026 05:26:05 PM (IST)
HighLights
- रत्न दूर कर सकते हैं बढ़ते कर्ज की समस्या
- बस जान लें धारण करने का सही तरीका
- रत्न मंगल के दोषों को करता है शांत
धर्म डेस्क। आज के दौर में कड़ी मेहनत के बाद भी कई लोग आर्थिक तंगी और कर्ज के भारी बोझ से परेशान रहते हैं। कई बार लाख कोशिशों के बावजूद कर्ज चुका पाना बेहद कठिन हो जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जीवन में आने वाली इस तरह की वित्तीय समस्याओं के पीछे कुंडली में नवग्रहों की कमजोर स्थिति एक मुख्य कारण हो सकती है। रत्न शास्त्र में कुछ ऐसे विशेष रत्नों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें नियमपूर्वक धारण करने से ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जा सकता है।
1. मूंगा रत्न – मंगल के दोषों को करता है शांत
रत्न शास्त्र के अनुसार, मूंगा रत्न का सीधा संबंध मंगल ग्रह से है। ज्योतिष में मंगल को साहस, पराक्रम, भूमि और मुख्य रूप से कर्ज का कारक माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल कमजोर स्थिति में हो, तो उसे ऋण संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में जानकारों द्वारा मूंगा धारण करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इसे पहनने से जातक के साहस और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे कारोबार व करियर में तरक्की के मार्ग खुलते हैं और धीरे-धीरे कर्ज की समस्या दूर होने लगती है।
2. पुखराज – गुरु की अनुकूलता से बढ़ती है समृद्धि
देवगुरु बृहस्पति को धन, भाग्य, समृद्धि, बुद्धि और ज्ञान का कारक माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर होती है, तो व्यक्ति के पास धन टिकता नहीं है और वह अनचाहे खर्चों या कर्ज के जाल में फंस जाता है। रत्न शास्त्र में पुखराज को बेहद लाभकारी माना गया है। इसे धारण करने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता बेहतर होती है और सही जगह निवेश करने की समझ विकसित होती है, जिससे आर्थिक तंगी से राहत मिलती है।
3. गोमेद – राहु के दुष्प्रभावों से दिलाता है मुक्ति
वैदिक ज्योतिष में राहु को एक प्रभावी छाया ग्रह माना गया है, जो जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव या मानसिक तनाव लेकर आता है। राहु के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए गोमेद रत्न धारण करने का विधान है। मान्यताओं के अनुसार, गोमेद पहनने से राहु जनित दोष दूर होते हैं, जिससे अचानक धन लाभ के योग बनते हैं और जातक को पुराने कर्ज व आर्थिक बाधाओं से मुक्ति मिलने में मदद मिलती है।
नोट – ज्योतिष शास्त्र और रत्न विज्ञान के अनुसार, कोई भी रत्न धारण करने से पहले अपनी कुंडली का किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से विश्लेषण अवश्य करवा लेना चाहिए। व्यक्ति की राशि और ग्रहों की डिग्री के अनुसार ही सही वजन (रत्ती) का रत्न और उसे पहनने की सही विधि (दिन व मुहूर्त) तय की जाती है।







