शनि की यह वक्री अवस्था आत्मचिंतन, पुराने कार्यों की समीक्षा और कर्मों के हिसाब-किताब का प्रतीक मानी जाती है। शनि को न्याय का देवता और दंडाधिकारी माना …और पढ़ें
Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 07:43:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 07:44:28 AM (IST)
HighLights
- वक्री शनि का महत्व और समयकाल
- आत्मचिंतन और कर्मफल का अवसर
- 12 राशियों और जीवन पर असर
डिजिटल डेस्क। शनि देव 27 जुलाई को मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं और यह उल्टी चाल 11 दिसंबर तक यानी करीब 138 दिनों तक रहेगी। भगवान शनिदेव रात 11 बजकर 22 मिनिट पर वक्री होंगे। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि शनि की यह वक्री अवस्था आत्मचिंतन, पुराने कार्यों की समीक्षा और कर्मों के हिसाब-किताब का प्रतीक मानी जाती है। शनि को न्याय का देवता और दंडाधिकारी माना गया है।
ज्योतिष में शनि की वक्री चाल का विशेष महत्व होता है। शनि की चाल में बदलाव का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। किसी के लिए शनि के वक्री होने का प्रभाव करियर पर पड़ सकता है। दूसरे व्यक्ति के लिए यह विवाह, वित्त, पारिवारिक जिम्मेदारियों, स्वास्थ्य संबंधी दिनचर्या, संपत्ति, शिक्षा, व्यवसाय या आध्यात्मिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने का कारण बन सकता है।
शनि देव के वक्री होने का 12 राशियों पर ज्योतिषीय प्रभाव
- मेष: करियर में धैर्य रखें, पुराने कामों की समीक्षा करनी पड़ सकती है। खर्च बढ़ सकते हैं।
- वृषभ: आर्थिक मामलों में सावधानी लाभदायक रहेगी। रुके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ सकते हैं।
- मिथुन: कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वाणी व व्यवहार में संयम रखें।
- कर्क: यात्रा और खर्च के मामलों में सतर्कता जरूरी। पुराने विवाद सुलझाने का अवसर मिल सकता है।
- सिंह: आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव संभव। निवेश में जल्दबाजी से बचें।
- कन्या: नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे मिलेगा।
- तुला: भाग्य का साथ पाने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ सकता है। उच्च शिक्षा और यात्रा से जुड़े मामलों में देरी संभव। वृश्चिक: स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सावधानी रखें। अचानक आने वाले खर्च परेशान कर सकते हैं।
- धनु: दांपत्य व साझेदारी के मामलों में धैर्य जरूरी। पुराने मतभेद सामने आ सकते हैं।
- मकर: नौकरी और व्यवसाय में अनुशासन बनाए रखें। कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन मेहनत से लाभ मिलेगा।
- कुंभ: प्रेम, शिक्षा और संतान से जुड़े मामलों में धैर्य रखें। रचनात्मक कार्यों में पुराने प्रयास फिर सक्रिय हो सकते हैं। मीन: घर-परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।
- क्या करना चाहिए
- धैर्य रखें: अपने काम में जल्दबाजी न करें और हर फैसले पर सोच-विचार करें।
- पुराने काम सुधारें: पुराने अटके हुए मामलों, लेन-देन और कागजी कामों को पूरा करने पर ध्यान दें।
- दान और सेवा करें: शनिवार को काले तिल, उड़द की दाल, या सरसों के तेल का दान करें और जरूरतमंदों की सेवा करें।







