Ujjain Mahakal Sawari: खबर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में वर्षों से श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा है। इस बार भी सावन-भादो मास में भगवान महाकाल की छह सवारी निकलेगी।
By Arvind Dubey
Publish Date: Fri, 20 Jun 2025 08:05:42 AM (IST)
Updated Date: Fri, 20 Jun 2025 08:34:23 AM (IST)
HighLights
- 14 जुलाई को निकलेगी श्रावण मास की पहली सवारी
- करीब 10 साल बाद सवारी में शामिल होगी नई पालकी
- छत्तीसगढ़ के भक्त ने नवंबर 2024 में मंदिर को भेंट की थी
राजेश वर्मा, नईदुनिया उज्जैन (Ujjain Mahakal Sawari): श्रावण-भाद्रपद मास में इस बार राजाधिराज महाकाल चांदी की नई पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, करीब 10 साल बाद सवारी में नई पालकी को शामिल किया जा रहा है। नवंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के एक भक्त ने गुप्तदान के रूप में मंदिर समिति को यह पालकी भेंट की थी।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास में महाकाल की सवारी निकलती है। इस बार 14 जुलाई को पहली तथा 18 अगस्त को श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी निकलेगी। इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है।
मंदिर समिति ने हर बार की तरह इस बार भी लोक निर्माण विभाग से पालकी का परीक्षण कराया था। बताया जाता है विभाग के इंजीनियरों की टीम ने पालकी को अनफिट बताते हुए सुधार कार्य कराने का सुझाव दिया है।
इसके बाद समिति ने इस बार की सवारी में चांदी की नई पालकी का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
नई पालकी में यह खास
- चांदी की नई पालकी का वजन करीब 100 किलो है।
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- वर्षों पहले सवारी में लकड़ी की पालकी का उपयोग होता था।
- ठोस लकड़ी से निर्मित पालकी का वजन डेढ़ क्विंटल से अधिक था।
- बाद में लकड़ी व स्टील के पाइप से बनी पालकी का उपयोग शुरू हुआ।
- इसका वजन करीब 130 किलो बताया जाता है।
- भगवान महाकाल की पालकी उठाने के लिए 70 कहार सेवा देते हैं।
इस बार सावन-भादो मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी में चांदी की नई पालकी का उपयोग होगा। नई पालकी हल्की और अधिक सुविधाजनक है। ट्रायल के दौरान दो लोगों ने ही इसे उठा लिया। -एसएन सोनी, उप प्रशासक, महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन







