23 फरवरी को मंगल कुंभ में प्रवेश करेगा। पंचग्रही योग बनेगा। यह संयोग कुछ राशियों के लिए लाभकारी, कुछ के लिए मिश्रित और कुछ को सतर्क रहने का संकेत देता …और पढ़ें
Publish Date: Sun, 22 Feb 2026 07:19:53 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Feb 2026 07:19:53 AM (IST)
HighLights
- 23 फरवरी मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा।
- कुंभ में बनेगा दुर्लभ पंचग्रही योग।
- सूर्य मंगल से बनेगा आदित्य मंगल राजयोग।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। फाल्गुन शुक्ल सप्तमी तिथि पर 23 फरवरी को मंगल ग्रह अपनी उच्च राशि मकर से निकलकर शनि की मूल त्रिकोण राशि कुंभ में प्रवेश करने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह राशि परिवर्तन सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर होगा। कुंभ राशि में पहले से सूर्य, शुक्र, बुध और राहु विराजमान हैं। ऐसे में मंगल के प्रवेश के साथ ही एक ही राशि में पांच ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनेगा, जिसे पंचग्रही योग कहा जाता है। ज्योतिर्विदों के अनुसार यह योग विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा।
कुंभ में बनेगा पंचग्रही योग
कुंभ राशि में सूर्य, शुक्र, बुध और राहु पहले से स्थित हैं। मंगल के प्रवेश से यहां पंचग्रही योग का निर्माण होगा। यह योग 1 मार्च तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही मंगल-राहु की युति से अंगारक योग बनेगा, जो 1 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा। शनि की राशि में यह ग्रह संयोग शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के परिणाम दे सकता है।
बनेंगे विशेष राजयोग
सूर्य और मंगल की युति से आदित्य मंगल राजयोग बनेगा, जो नेतृत्व क्षमता और साहस में वृद्धि कर सकता है। वहीं सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा, जो बुद्धि और निर्णय क्षमता को मजबूत करेगा। हालांकि मंगल-राहु की युति उग्र परिणाम भी दे सकती है, जिससे विवाद या आकस्मिक घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।
किन राशियों पर क्या असर
पंचग्रही योग मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए लाभप्रद माना जा रहा है। तुला, मकर, कुंभ और मीन राशि को मिश्रित परिणाम मिलेंगे। वहीं मिथुन, कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस अवधि में संयम, धैर्य और सकारात्मक सोच से कार्य करना हितकारी रहेगा।







