धर्म डेस्क। ज्योतिष डेस्क हिंदू धर्म में ज्ञान, कला और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना का महापर्व वसंत पंचमी इस साल बेहद खास होने जा रहा है। वर्ष 2026 में यह पर्व 23 जनवरी को मनाया जाएगा।
ज्योतिषविदों के अनुसार, इस बार वसंत पंचमी पर ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है जो विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए तरक्की के नए द्वार खोलेगी।
ग्रहों का दुर्लभ संयोग
एस्ट्रोपत्री की ज्योतिषाचार्य दिव्या गौतम के अनुसार, इस साल वसंत पंचमी पर बुधादित्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का एक साथ बनना अत्यंत शुभ फलदायी है।
बुधादित्य योग – सूर्य और बुध की युति से बनने वाला यह योग बौद्धिक क्षमता और करियर में ऊंचाई प्रदान करता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग – इस योग में शुरू किया गया कोई भी कार्य सफल होता है। यदि आप नया व्यापार शुरू करने या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह दिन सर्वोत्तम है।
इन राशियों और जातकों को होगा विशेष लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती प्रकट हुई थीं। इस साल गुरु बृहस्पति और शुक्र की अनुकूल स्थिति के साथ ‘गुरु-चन्द्र’ योग भी बन रहा है, जिससे:
विद्यार्थियों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति में वृद्धि होगी।
करियर में लंबे समय से रुके हुए प्रमोशन या नए अवसर प्राप्त होंगे।
व्यापारियों के लिए निवेश और नई योजनाओं की शुरुआत मुनाफे वाली रहेगी।
पीले रंग का महत्व और पूजा विधि
शास्त्रों में वसंत पंचमी के दिन पीले रंग को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिन मां सरस्वती को पीले फूल, पीले वस्त्र और पीला भोग (जैसे केसरिया भात) अर्पित करना शुभ माना जाता है। छोटे बच्चों के अक्षर ज्ञान (विद्यारंभ संस्कार) के लिए भी यह दिन अबूझ मुहूर्त की तरह काम करता है।
2026 की वसंत पंचमी आध्यात्मिक और भौतिक दोनों ही दृष्टियों से फलदायी है। इस दिन की गई पूजा न केवल मानसिक शांति देगी, बल्कि बुध और सूर्य के प्रभाव से निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होगी।







