अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि है। 8, 17 और 26 तारीख को जन्मे लोगों की किस्मत में अक्सर बदलाव आते हैं। ये लोग कठिन परिश्रम करने वाले होते हैं और समय-समय पर अपने जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखते हैं।
By Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 19 Feb 2025 12:25:04 PM (IST)
Updated Date: Wed, 19 Feb 2025 12:31:54 PM (IST)
HighLights
- स्वामी ग्रह शनि जीवन में बदलाव लाते हैं।
- 8, 17, 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8
- नि ग्रह के कारण ये लोग दृढ़ संकल्पी होते हैं।
धर्म डेस्क, इंदौर। Numerology: अंक ज्योतिष शास्त्र किसी भी व्यक्ति के भविष्य, स्वभाव व व्यक्तित्व को जानने का अच्छा तरीका हो सकता है।1 से 9 तक मूलांक होते हैं। ऐसे में हर मूलांक के व्यक्ति का अपने एक अलग स्वभाव व गुण होता है। हम आपको इस आर्टिकल में 8 मूलांक के व्यक्ति के बारे में जानकारी देंगे। 8 मूलांक का स्वामी ग्रह शनि होता है।
अंक ज्योतिष की मानें तो 8, 17 या 26 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों का मूलांक 8 होगा। इनकी किस्मत में तुरंत बदलाव होते हैं, क्योंकि इनका स्वामी शनि है। इस आर्टिकल में विस्तार से मूलांक 8 के बारे में जानकारी देते हैं।
धीमी गति से मिलती है सफलता
मूलांक 8 के लोगों को सफलता मिलती है, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी होती है। इस मूलांक के स्वामी शनि देव हैं। उनके ग्रह की चाल बहुत ही धीमी होती है, इसलिए 8 मूलांक के व्यक्ति को जीवन में सफलता धीरे-धीरे मिलती है।
.jpeg)
कर्म कर पाना चाहते हैं सफलता
मूलांक 8 वाले कर्म में भरोसा करते हैं। वह सफलता के लिए मेहनत करना चाहते हैं। वह इससे पीछे नहीं हटते हैं। वह सोच समझकर किसी भी फैसले पर पहुंचना पसंद करते हैं। यह कभी हार नहीं मानते हैं, क्योंकि काम करना इनको पसंद होता है।

मूलांक 8 वालों का करियर
मूलांक 8 के लोग इंजीनियर, कंस्ट्रक्शन, तेल, पेट्रोल पंप और लोहे से जुड़े क्षेत्रों में जाते हैं। उनको इन क्षेत्रों में सफलता भी मिलती है।
डिस्क्लेमर- ‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’







