Shani Dev: शनि को ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण एवं निर्णायक ग्रह माना गया है। अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी है तो चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर शनि की स्थिति खराब है तो आपका पूरा जीवन बरबाद हो सकता है। ऐसे में अच्छा होगा कि शनि को मजबूत करने के उपाय किए जाएं और शनि के दुष्प्रभावों से बचकर अच्छे प्रभावों को प्राप्त किया जाए।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 21 Feb 2025 04:27:15 PM (IST)
Updated Date: Fri, 21 Feb 2025 10:23:40 PM (IST)
HighLights
- शनि जातक को धीरे-धीरे निम्न स्तर से नौकरी कराता है।
- वह हमें नौकरी की हर परिस्थिति से गुजरवा चुका होता है।
- इससे जातक के पास अनुभव ज्यादा होता हो चुका होता है।
धर्म डेस्क, इंदौर। शनि नौकरी का कारक ग्रह है। कुंडली में अपनी स्थिति के अनुसार नौकरी से लेकर उच्च स्तर का व्यवसाय करा देना भी शनि के अधिकार क्षेत्र में है। विशेष रूप से शनि नौकरी का ही कारक है। आचार्य मण्डन मिश्र: से जानिये कि कुंडली में शनि की स्थिति से किस प्रकार हमारे जीवन की नौकरी तय होती है।
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- शुभ शनि का सम्बन्ध 2, 6, 10 भाव से होने पर शनि जातक को रोजगार में धीरे धीरे उन्नति देता है क्योंकि यह बहुत धीमी रफ़्तार से चलने वाला ग्रह है। इसके फल शुभ-अशुभ फल भी बहुत दीर्घकाल तक के लिए मिलते है।
- शनि जब जातक से नौकरी करवाता है या शनि के कारण जातक को नौकरी मिलती है तब वह निम्न स्तर से मिलती है शनि दशम भाव में उच्च, मूलत्रिकोण, स्वराशि में होता है तब उच्च स्तर की नौकरी ही दिलाता है।
- इसके आलावा अन्य राशि में होने पर या शनि की दृष्टि नौकरी भाव पर होने से निम्न स्तर की नौकरी शनि जातक को कराता है और धीरे धीरे अपनी धीमी गति के साथ शुभ होने पर धीरे धीरे उन्नति कराता है।
- सूर्य, चन्द्र मंगल, गुरु, बुध, शुक्र इनके द्वारा नौकरी मिलती है तो यह उच्च स्तर की नौकरी कराते हैं जिसका एक तरह से जातक को ज्यादा अभ्यास नही होता।
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- शनि जातक को तपा कर निम्न स्तर से उच्च स्तर तक धीरे धीरे ले जाता है और हर तरह का अनुभव कराकर शुभ होने पर उच्च स्तर तक की नौकरी पर ले जाता है।
- शनि के फल को यहां गहराई से समझे, शनि पहले जातक को हर तरह से धीरे धीरे निम्न स्तर से नौकरी कराकर निम्न स्तर से उच्च स्तर तक का ज्ञान कराता है।
- इससे जातक के पास अनुभव ज्यादा होता है क्योंकि शनि जातक को निम्न नौकरी के माध्यम से हर स्थिति से गुजरवा चुका होता।
- जिससे जातक को हर स्थिति का अनुभव हो जाता है और धीरे धीरे जब शनि जातक को नौकरी में उच्च पद तक ले जाता है तब उसको अपार सफलता देता है।
- शनि जातक को नौकरी में तपाकर कोयले से हीरा बनाकर उसको सफल बनाता है जो अनुभव हर स्तर की स्थिति का नौकरी में शनि देता है वह अन्य और कोई ग्रह नहीं देता।
- सूर्य गुरु शुक्र आदि ग्रह जब नौकरी कराते हैं तो सीधे जातक को उच्च स्तर की नौकरी दिला देते हैं जिस काम को करने का जातक को ठीक से अभ्यास भी नही होता।
- शनि का फल देर से और लंबे समय तक के लिए मिलता है जिस कारण से शनि शुभ होने पर स्थिर नौकरी देकर धीरे धीरे उसमे तरक्की देता है।

- शनि प्रधान नौकरी वाले काफी मेहनती होते है। इस कारण जब भी आपको शनि के कारण नौकरी के शुरुआती समय में संघर्ष करना पड़ता है तो ऐसा शनि शुभ बली होने पर धीरे धीरे जातक को ऊचाइयों पर ले जाता है।
- और जब शनि के कारण जातक ऊचांइयों पर पहुचता है तब ऐसे इंसान की ताकत बहुत बढ़ चुकी होती है। इससे नौकरी में उसका अपना एक अलग ही वर्चस्व स्थापित हो चुका होता है।
- यदि शनि किसी जातक/जातिका का अशुभ होता है तब यह नौकरी में सिर्फ संघर्ष कराता है जातक/जातिका को मेहनत के अनुसार फल नही मिलता।

- इस कारण जो जातक नौकरी पेशे में है उनको शनि के प्रभाव को समझकर शनि की शुभता में वृद्धि करने के उपाय करने से शनि सम्बंधित शुभ फल और प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है।
- उपाय में शनि मन्त्र का जप करना, शमी के पौधे की देखभाल करना पोधे को जल देना, दिया जलाना।मजदुर वर्ग के लोगों की जरूरत के हिसाब से सहायता करना, शनि मंत्र का जप ,निकल शनि स्त्रोत्र का पाठ, शुभ काम करने से शनि के शुभत्व में वृद्धि की जा सकती है।
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