हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर के निर्माण से जुड़े हर एक कार्य को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं। घर बनाते समय अक्सर लोग कमरों और रसोई की दिशा पर तो …और पढ़ें
Publish Date: Wed, 27 May 2026 04:47:29 PM (IST)Updated Date: Wed, 27 May 2026 04:47:29 PM (IST)
HighLights
- जमीन के नीचे टैंक के लिए उत्तर-पूर्व और छत के लिए दक्षिण-पश्चिम है बेस्ट
- सीढ़ियों के नीचे और मुख्य गेट के ऊपर भूलकर भी न रखें पानी की टंकी
- टंकी हटाने का विकल्प न हो तो सफेद पेंट करके दूर करें वास्तु दोष
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर के निर्माण से जुड़े हर एक कार्य को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं। घर बनाते समय अक्सर लोग कमरों और रसोई की दिशा पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन पानी की टंकी (Water Tank) को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु के अनुसार, पानी की टंकी का स्थान निर्धारित करना बेहद जरूरी है क्योंकि जल (Water) को प्रकृति के पंच तत्वों में से एक सबसे महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि घर में इन पांच तत्वों का संतुलन सही ढंग से व्यवस्थित हो, तो परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक माहौल बना रहता है। आजकल मकानों और बहुमंजिला इमारतों में पानी को स्टोर करने के लिए छत पर प्लास्टिक के बड़े-बड़े ओवरहेड टैंक लगाए जाते हैं। इन टैंकों में हजारों लीटर पानी जमा रहता है। इतनी भारी मात्रा में एक ही जगह पर पानी का इकट्ठा होना घर की ऊर्जा (Energy) को सीधे प्रभावित करता है। आइए जानते हैं कि छत पर पानी की टंकी रखने के सही नियम क्या हैं।
छत पर पानी की टंकियों के लिए क्या हैं वास्तु संबंधी नियम?
वास्तु शास्त्र का मूल सिद्धांत यही है कि हर चीज अपने सही स्थान और सही स्थिति में होनी चाहिए। पानी की टंकियों को अलग-अलग दिशाओं में रखने से घर के सदस्यों पर इसका अलग-अलग (शुभ और अशुभ) प्रभाव पड़ता है।
आमतौर पर लोग पानी को दो जगहों पर स्टोर करते हैं – छत के ऊपर (Overhead) या जमीन के नीचे (Underground)। वास्तु के अनुसार इन दोनों ही स्थितियों के नियम और प्रभाव पूरी तरह अलग हैं…
- उत्तर-पूर्व दिशा (Northeast): यदि आप जमीन के नीचे (Underground) वॉटर टैंक बना रहे हैं, तो उत्तर-पूर्व दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है। यह घर में मानसिक शांति, खुशहाली और समृद्धि लाती है।
- दक्षिण-पश्चिम दिशा (Southwest): यदि आप छत के ऊपर (Overhead) भारी टैंक रख रहे हैं, तो इसके लिए दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा को सही माना गया है, क्योंकि यह भारीपन को संतुलित करती है। इसके विपरीत, छत के उत्तर-पूर्व हिस्से पर अत्यधिक भारी टंकी रखने से आर्थिक स्थिरता बिगड़ सकती है और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।

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भूलकर भी इन जगहों पर न रखें पानी की टंकी
- सीढ़ियों के नीचे: कभी भी घर की सीढ़ियों के नीचे पानी की टंकी स्थापित न करें। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों में मानसिक तनाव बढ़ता है और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आती हैं।
- मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) के ऊपर: घर के मुख्य एंट्री गेट के ठीक ऊपर पानी की टंकी कभी नहीं होनी चाहिए। इससे घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक ऊर्जा भारी और असंतुलित हो जाती है।
- बीम के नीचे: पानी की टंकी को कभी भी घर के किसी पिलर या बीम के ठीक नीचे नहीं रखना चाहिए।
अगर गलत दिशा में है टंकी, तो कैसे करें वास्तु दोष दूर?
यदि आपके घर में पानी की टंकी किसी गलत दिशा में रख दी गई है और तोड़-फोड़ करना या उसे वहां से हटाना संभव नहीं है, तो वास्तु शास्त्र में इसका एक बेहद सरल उपाय बताया गया है। आप उस टंकी के बाहरी हिस्से पर सफेद रंग (White Paint) कर दें। सफेद रंग जल तत्व और शांति का प्रतीक है, जिससे उस दिशा का वास्तु दोष काफी हद तक कम हो जाता है।
भूमिगत (Underground) बनाम ओवरहेड (Overhead) टैंक का वास्तु चक्र
| टैंक का प्रकार | प्रतिनिधित्व तत्व | वास्तु के अनुसार सही दिशा | मिलने वाले मुख्य लाभ |
| जमीन के अंदर (Underground) | जल तत्व | उत्तर-पूर्व (Northeast) या उत्तर | समृद्धि, धन लाभ और मानसिक शांति |
| जमीन के ऊपर/छत (Overhead) | पृथ्वी तत्व | दक्षिण-पश्चिम (Southwest) या पश्चिम | जीवन में स्थिरता और ऊर्जा का संतुलन |
पानी की टंकी से जुड़ी इन महत्वपूर्ण बातों का हमेशा रखें ध्यान
- नियमित साफ-सफाई: पानी की टंकी से जुड़े वास्तु दोषों को दूर रखने का सबसे पहला नियम उसका रख-रखाव है। महीने में कम से कम 1 से 2 बार टंकी की अच्छी तरह सफाई जरूर करें। गंदा पानी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
- टूटे ढक्कन तुरंत बदलें: यदि टंकी का ढक्कन टूट गया है या गायब है, तो उसे फौरन नया लगवाएं। खुली टंकी घर में बीमारियां और मानसिक तनाव लाती है।
- रंगों का सही चुनाव: छत पर रखी टंकी के लिए हमेशा सफेद, धूसर (Grey) और पीले रंग का चुनाव करें, यह वास्तु के अनुकूल हैं। भूलकर भी छत की टंकी के लिए लाल, हरे और नारंगी जैसे उग्र रंगों का इस्तेमाल न करें।







