अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने भारत को लेकर एक नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जो विवादों में घिर गई है। इस एडवाइजरी में भारत को लेकर कई गंभीर आशंकाएं जताई गई हैं। खासकर महिला यात्रियों को लेकर दी गई चेतावनी पर भारत में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है।
अमेरिकी विदेश विभाग की इस चेतावनी में कहा गया है कि भारत में अपराध, बलात्कार और आतंकवादी हमले एक गंभीर चिंता का विषय हैं। विशेष रूप से महिलाओं को अकेले यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, कुछ राज्यों और क्षेत्रों को ;खतरनाक जोन की श्रेणी में रखा गया है, जहां अमेरिकी नागरिकों को जाने से पहले सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या है ट्रंप सरकार की एडवाइजरी में?
यह एडवाइजरी 16 जून को अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी की गई, जिसमें कहा गया है कि भारत में रेप उन अपराधों में से एक है जो सबसे तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि पर्यटक स्थलों, बाजारों, ट्रांसपोर्ट हब और सरकारी प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी हमले किसी भी समय हो सकते हैं, जिनकी पहले से कोई चेतावनी नहीं होती।
इसके अलावा अमेरिकी सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि भारत के कई ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी इमरजेंसी सेवाएं बहुत सीमित हैं। खासकर पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाके—इन क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित बताया गया है, जहां माओवादी चरमपंथी सक्रिय हैं।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
एडवाइजरी में अमेरिकी महिलाओं को अकेले भारत की यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों, ट्रेनों, होटलों और पर्यटक स्थलों पर महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती रही हैं। यह चेतावनी विदेशी महिला टूरिस्ट्स के लिए विशेष रूप से जारी की गई है।
किन राज्यों की यात्रा से मना किया गया है?
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मणिपुर: जातीय हिंसा के कारण न जाने की सलाह।
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जम्मू-कश्मीर: आतंकवाद और नागरिक अशांति के कारण यात्रा से बचने की सलाह।
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झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के ग्रामीण क्षेत्र: नक्सली गतिविधियों के कारण सतर्क रहने की चेतावनी।
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मेघालय: विशेष अनुमति के बिना अमेरिकी कर्मियों को यात्रा से परहेज करने को कहा गया है।
हालांकि एडवाइजरी में यह स्पष्ट किया गया है कि इन राज्यों की राजधानियों की यात्रा करने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन बाकी हिस्सों में जाने से पहले पूर्व स्वीकृति लेना जरूरी है।
भारत में उठी प्रतिक्रियाएं
अमेरिका की इस सलाह पर भारत में तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस एडवाइजरी को “पूर्वाग्रह से ग्रसित” और “भारत की छवि खराब करने वाली” बताया है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी देश का यह अधिकार है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी करे, लेकिन इसके लिए संतुलित और सटीक आकलन जरूरी होता है।
अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी ने भारत में एक नई बहस छेड़ दी है—क्या भारत वाकई विदेशी नागरिकों के लिए असुरक्षित है, या यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक हिस्सा है? जहां एक ओर भारत में अपराध की घटनाएं होती हैं, वहीं दूसरी ओर देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह सवाल जरूरी हो जाता है कि क्या इस तरह की चेतावनियां एकतरफा और पक्षपाती तो नहीं?







