इंटरनेट डेस्क। ब्रिक्स समिट आज से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शुरू हो रहा है। इसमें दस साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आएंगे। तीनों नेता इससे पहले 2016 में गोवा में हुए ब्रिक्स समिट में एक साथ नजर आए थे। इस पल का सभी को इंतजार है।
ब्रिक्स समिट भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज से शुरू हो वाले इस समिट में 11 सदस्य देशों के अलावा 10 पार्टनर देशों के नेता भी हिस्सा लेंगे। खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आज शाम 6 से 7 बजे तक भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावनाा है। वहीं पीएम मोदी कई विदेशी नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वह सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, सुबह 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, सुबह 11 बजे से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद और
सुबह 11:30 बजे से वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक करेंगे।
विश्व की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं ब्रिक्स देश
आपको बता दें कि विश्व की कुल जीडीपी का 40 फीसदी हिस्सा ब्रिक्स के पास है। वहीं विश्व की आधी आबादी (49.5%) का प्रतिनिधित्व ब्रिक्स देश करते हैं। दुनिया का एक चौथाई (26%) व्यापार इन्हीं देशों से होता है। इस शिखर सम्मेलन की थीम सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण है। इस सम्मेलन में कई बड़े आर्थिक, रणनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका के साथ-साथ इजिप्ट, इथोपिया, इंडोनेशिया,ईरान और साउदी अरब ब्रिकस के सदस्य देश हैं।
PC: navbharattimes.indiatimes
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