Parmarth TV
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा द्वारा शुक्रकवार को एसीबी मुख्यालय में की गई प्रेस वार्ता को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा द्वारा एसीबी मुख्यालय में की गई प्रेस वार्ता ने भाजपा सरकार की आपसी कलह को उजागर कर दिया है। कृषि मंत्री ने एसीबी पर सीधे उन्हें किसी दबाव में आकर फंसाने के आरोप लगाए हैं।
कृषि मंत्री ने एसीबी को "पॉलिटिकल वैपन" यानी राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। एसीबी सीधे मुख्यमंत्री के अधीन है। क्या कृषि मंत्री सीधे मुख्यमंत्री पर उन्हें फंसाने का आरोप लगा रहे हैं? अब ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री की है कि वह सच्चाई बताएं कि कृषि मंत्री इस रिश्वत प्रकरण में लिप्त हैं या मुख्यमंत्री के अधीन एसीबी उन्हें फंसा रही है?
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान में करोड़ों के खाद-बीज रिश्वतकांड में कृषि मंत्री के करीबी करोड़ों रुपए के साथ पकड़े गए। अब गिरफ्तारी की आंच अपने दरवाजे तक पहुंचती देख कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल जी मुख्यमंत्री को ही "लक्ष्मण रेखा" यानि अपनी हद में रहने की धमकी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के अधीन एंजेंसी एसीबी को "पॉलिटिकल वेपन" बताकर खुद को फंसाने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं। आखिर कृषि मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे हैं? कल तक जो दूसरों पर कीचड़ उछालते थे, आज अपनी बारी आने पर व्यवस्था, एजेंसियों और मुख्यमंत्री तक को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
अगर एसीबी निष्पक्ष है, तो फिर भ्रष्टाचारियों को जेल में डालिए: डोटासरा
डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी.. घबराइए मत, राजस्थान को सच्चाई बताइए। क्या आपका कैबिनेट मंत्री भ्रष्टाचार के जाल में फंसा है? क्योंकि अगर एसीबबी राजनीतिक हथियार है, तो इसका जवाब आपको देना होगा। और अगर एसीबी निष्पक्ष है, तो फिर भ्रष्टाचारियों को जेल में डालिए। जनता ये तमाशा नहीं, सच जानना चाहती है, उजागर कीजिए।
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