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महंगाई नियंत्रण के लिए कोई सशक्त और ठोस उपाय बजट में दिखाई नहीं देते: Sachin Pilot | Parmarth TV

महंगाई नियंत्रण के लिए कोई सशक्त और ठोस उपाय बजट में दिखाई नहीं देते: Sachin Pilot | Parmarth TV

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जयपुर। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए बजट 2026 को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बजट से आम जनता, खासकर युवाओं को निराशा ही हाथ लगी है। 

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि केंद्रीय बजट 2026 की घोषणाओं से एक बार फिर आम जनता, खासकर युवाओं को निराशा ही हाथ लगी है। वित्त मंत्री ने कई योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन एक स्पष्ट और भरोसेमंद रोडमैप के अभाव में यह समझ पाना मुश्किल है कि आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर कितने और किस स्तर पर उपलब्ध होंगे।

सचिन पायलट ने बजट को लेकर आगे कहा कि सरकार की पिछली रोजगार संबंधी घोषणाओं की समीक्षा आज तक पारदर्शी रूप से सामने नहीं लाई गई है। कितने रोजगार सृजित हुए और कितने काग़ज़ों में ही सीमित रह गए—ऐसे में underemployment की समस्या के बीच युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

पायलट ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण आर्थिक अस्थिरता और घरेलू आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार से उम्मीद थी कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, लेकिन ऐसी कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आई है। आम आदमी पहले से ही महंगाई से परेशान है—फिर भी महंगाई नियंत्रण के लिए कोई सशक्त और ठोस उपाय इस बजट में दिखाई नहीं देते।

नई बड़ी परियोजनाओं की घोषणाओं का अभाव निराशाजनक
उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को लेकर योजनाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। खेती-किसानी के लिए भी अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के दावे किए जाते हैं, परंतु सरकार की उदासीनता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों, जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां भी नई बड़ी परियोजनाओं की घोषणाओं का अभाव निराशाजनक है और जनता के साथ धोखे जैसा प्रतीत होता है। यह एक चुनावी बजट है—वास्तविकता में संतुलित विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और यह आने वाले दिनों में केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित रह गया है।

PC: ndtv
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