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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कृषि विभाग व बीज निगम में करोड़ों रुपए के नकली बीज घूसकांड का एसीबी द्वारा भंडाफोड़ किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने आज इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि प्रदेश के कृषि विभाग व बीज निगम में करोड़ों रुपए के नकली बीज घूसकांड का एसीबी द्वारा भंडाफोड़ होना बेहद चिंताजनक है।
जो अधिकारी कृषि मंत्री के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर 'छापेमारी' का नाटक कर रहे थे, वे ही बैकडोर से करोड़ों की वसूली व ब्लैकमेलिंग का सिंडिकेट चला रहे थे। इस पूरे मामले की कड़ियां बहुत ऊपर तक जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं। बिना उच्च स्तरीय संरक्षण के अधिकारियों में इतनी बड़ी उगाही का साहस नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री से मांग है कि किसानों के हितों से कुठाराघात करने वाले इस नेक्सस में स्वयं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा तक की भूमिका की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, जिससे सच प्रदेश की जनता के सामने आ सके।
सरकार की छापेमारी भ्रष्टाचार रोकने के लिए हो रही थी या उगाही करने के लिए: जूली
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को एक्स के माध्यम से कहा कि सरकार पहले बीज कम्पनियों पर जांच के नाम पर छापे मारती है और फिर अपने लोग भेजकर उनसे करोड़ों की वसूली करती है। भाजपा राज में इसे ही "जीरो टॉलरेंस" कहा जाता है। आज ACB ने राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उसके रिश्तेदार को ₹2.43 करोड़ की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ये वही लोग हैं जो कार्रवाई में उपस्थित रहे थे l सरकार की छापेमारी भ्रष्टाचार रोकने के लिए हो रही थी या उगाही करने के लिए? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बताए कि इस भ्रष्टाचार और उगाही की डोर आखिर कहां तक जुड़ी है? और इसकी निष्पक्ष जाँच कार्रवाई जाए l
PC:firstindia
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