इंटरनेट डेस्क। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि हर बार बीजेपी सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं। सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं – मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो। 12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में "ट्रिपल इंजन" सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है? लाचारी है नीयत की – क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
PC: deccanchronicle
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