इंटरनेट डेस्क। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में दावा किया कि कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले रची गई थी। चार्जशीट 28 जुलाई को दाखिल की गई थी। इसकी जानकारी अब सामने आई है।
इस चार्जशीट के अनुसार, विशेषज्ञ एनटीए ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवाल पर्चियों पर लिखते थे। इसके बाद इन्हें बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाया जाता था। सीबीआई की ओर से इस संबंध में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें एनटीए के तीन विशेषज्ञ शामिल हैं। तीनों पर पेपर तैयार करने और मॉडरेशन के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर पेपर लीक किए जाने के आरोप लगे हैं।
लीक पेपर टेलीग्राम, वॉट्सएप, पीडीएफ और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी फैलाए गए। पेपर लीक किसी एक व्यक्ति की साजिश नहीं थी, बल्कि एनडीए विशेषज्ञ, प्राइवेट कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और कुछ छात्रों की मिलीभगत से पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था।
सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया है परीक्षा से कई महीने पहले ही कोचिंग संचालकों और बिचौलियों ने एनटीए के तीनों विशेषज्ञों से संपर्क साधा था। इनके बीच संबंधित लोगों के बीच लगातार बातचीत, मुलाकातें और पैसों का लेन-देन हुआ। इस प्रकार से पेपर लीक की पूरी साजिश रची गई।
शामिल थे ये विशेषज्ञ
सीबीआई ने खुलासा किया कि विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार एनटीए कार्यालय में पेपर तैयार करने के दौरान सवाल याद कर लेते थे। इसके बाद होटल लौटकर सवाल पर्चियों तैयार की जाती थी।
PC: abplive
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