इंटरनेट डेस्क। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने एक बड़ा बयान देकर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट केवल यात्रा और पहचान संबंधी दस्तावेज है, न कि भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण। खबरों की माने तो पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर मंत्रालय ने ये बात कही। हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है, लेकिन नागरिकता का निर्धारण संबंधित कानूनों और अन्य वैधानिक दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है।
नागरिकता पर मंत्रालय की सफाई
मीडिया रिपोटर्स की माने तो मंत्रालय की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विभिन्न मंचों पर पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में लेकर भ्रम की स्थिति देखी जाती रही है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों और विदेशों में भारतीय मिशनों ने मिलकर करीब 1.5 करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं प्रदान कीं।
मंत्रालय ने क्या बताया
खबरों की माने तो मंत्रालय ने बताया कि देशभर में पासपोर्ट सेवा केंद्र और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र की संख्या बढ़कर 545 हो गई है। पिछले वर्ष 10 नए डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए थे और इस वर्ष भी 10 नए केंद्र शुरू किए जाने की योजना है।
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