Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

Donald Trump ने बदल दिया है एआई का नाम, कर दिए हैं इस ऑर्डर पर साइन | Parmarth TV Congress: दिग्विजय सिंह की किस बात पर भड़की सोनिया गांधी, नीतीश कुमार को बता दिया गद्दार | Parmarth TV होम लोन की बढ़ सकती है ईएमआई, RBI जल्द ही करने वाला है बैठक | Parmarth TV INDIA ब्लॉक की आठवीं बैठक में लिए ये बड़े फैसले, खड़गे ने कहा- भाजपा चुनाव आयोग के साथ वोट चोरी कर रही है | Parmarth TV Gold-Silver Prices: फिर से बढ़ गए हैं सोने-चांदी के दाम, ये है आज की रेट | Parmarth TV मारा गया पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मोस्ट वांटेड आतंकवादी मूसा | Parmarth TV 1 October: नए महीने की पहली तारीख से बदलने जा रहे ये नियम, पड़ेगा आपकी जेब पर भी असर | Parmarth TV उज्जैन में शाही मस्जिद का एक हिस्सा तोड़े जाने पर हुआ हंगामा, पांच लोग गिरफ्तार | Parmarth TV Bank Holiday: जाने अक्टूबर महीने में कितनों दिनों के लिए रहेगी बैंकों में छुट्टियां, अटक सकते हैं आपके काम | Parmarth TV Gold-Silver Prices: चांदी कीमत में आई 1,373 रुपए की गिरावट, सोना फिर से हुआ सस्ता | Parmarth TV

Rajasthan: सांसद राजकुमार रोत ने कसा तंज, MESA कानून को लेकर पीएम मोदी से कर दी है ये मांग | Parmarth TV

Rajasthan: सांसद राजकुमार रोत ने कसा तंज, MESA कानून को लेकर पीएम मोदी से कर दी है ये मांग | Parmarth TV

जयपुर। बांसवाडा से भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने अब MESA कानून को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है। उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस मनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने पीएम मोदी से शीतकालीन सत्र में MESA कानून पारित करवाने की मांग की है।

राजकुमार रोत ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243जेडसी (1) में स्पष्ट उल्लेख है कि अनुसूचित क्षेत्रों में नगर निकाय बनाना असंवैधानिक है, लेकिन संसद चाहे तो विशेष परिस्थिति एवं आदिवासियों के हितों को ध्यान में रखकर विशेष कानून MESA (Municipal Extension to Scheduled Areas) बनाकर इसे लागू कर सकती है।

रोत ने आगे कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने 2001 में लोकसभा में बिल पेश किया जिसे स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया। स्टैंडिंग कमेटी ने भी 2003 में इस बिल को मंजूरी दे दी, लेकिन 24 साल बीतने के बाद भी यह कानून पास नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यह कानून आदिवासी समुदाय के हित में है।

राष्ट्रीय पार्टियों को भी पता है उनके आदिवासी नेता समाज को सिर्फ विकास का पापड़ बेलने व धर्म की चटनी चटाने से फुर्सत कहाँ है? पिछले 24 सालों से MESA कानून केंद्र में रुके होने से राज्य सरकारें धड़ल्ले से अनुसूचित क्षेत्रों में असंवैधानिक तरीके से लगातार नगर निकायों का गठन व विस्तार कर रही हैं। इसका दुष्परिणाम यह है कि नगर निकायों द्वारा आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीनों से अतिक्रमणकारी घोषित कर चाय में गिरी मक्खी की तरह बाहर निकालकर फेंकने का काम कर रही है। इसमें ताजा उदाहरण उदयपुर शहर में हुई बुलडोजर कार्यवाही है।

आदिवासी अब समझदार हो चुका है

रोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं अर्जुन मुंडा आदिवासी अब समझदार हो चुका है। आपके सिर्फ जनजातीय गौरव दिवस मना लेने से आपकी बातों में आने वाला नहीं है। यदि आप सच में आदिवासी हितैषी हैं तो इस शीतकालीन सत्र में MESA कानून पारित करवाकर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कर सिद्ध करें।

PC:  X

अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

 

Trending News