Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

तुर्किये में नाटो समिट के दौरान Donald Trump की लोकेशन तक पहुंच गए थे ईरानी एजेंट, अब हुआ ये दावा | Parmarth TV Iran-US War: ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक ईरान खींच सकता हैं युद्ध को, बन रही ये रणनीति | Parmarth TV Abhijit Deepke का बड़ा बयान, कहा-फिलहाल सीजेपी को राजनीतिक पार्टी नहीं बनाया जाएगा, राहुल गांधी से… | Parmarth TV LPG Price: क्या आज सस्ता हो गया है 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर, ये है ताजा रेट | Parmarth TV दिन भर की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद हुआ सेंसेक्स – Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar | Parmarth TV ब्रिटिश कोलंबिया में जंगल की आग का प्रकोप लगातार बरकरार | Parmarth TV अब नई परेशानी में घिरे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना, मोबाइल में मिले 90 पोर्न वीडियो  | Parmarth TV Gold and Silver Prices: आज ये है सोने-चांदी का ताजा भाव, खरीदने से पहले… | Parmarth TV PM Vishwakarma Scheme: ट्रेनिंग के दौरान लाभार्थी को मिलता है रोजाना 500 रुपए स्टाइपैंड, मिलते हैं ये लाभ भी | Parmarth TV National Weather Forecast: राजस्थान और मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, अब इन जिलों के लिए जारी हुआ है अलर्ट | Parmarth TV

अखिलेश यादव का राम मंदिर में दान में मिली काकभुषण्डि की मूर्ति चोरी होने का आरोप, कौन थे काकभूषण्डि, रामायण से कैसे जुड़ा है इनका नाम?

अखिलेश यादव का राम मंदिर में दान में मिली काकभुषण्डि की मूर्ति चोरी होने का आरोप, कौन थे काकभूषण्डि, रामायण से कैसे जुड़ा है इनका नाम?

काकभूषण्डि रामायण के अमर ऋषि और श्रीराम के परम भक्त माने जाते हैं। उन्होंने गरुड़ को रामकथा सुनाकर भक्ति, विनम्रता और गुरु सम्मान का गहरा संदेश दिया।

Publish Date: Fri, 26 Jun 2026 01:48:30 PM (IST)Updated Date: Fri, 26 Jun 2026 01:48:30 PM (IST)

रामायण के एक पात्र के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह पात्र है महर्षि कागभुसुंडि। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. काकभूषण्डि श्रीराम के अनन्य भक्त और अमर ऋषि माने जाते हैं।
  2. गुरु के श्राप से उन्हें कौए का दिव्य रूप प्राप्त हुआ।
  3. गरुड़ की शंकाओं का समाधान रामकथा सुनाकर किया था उन्होंने।

धर्म डेस्क। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव यूपी सरकार पर हमलावर हैं। रोज नए आरोपों के बीच उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को राम मंदिर में दान के लिए मिले कागभुसुंडि के गायब होने का आरोप लगाया है। उसके बाद से लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर कागभुसुंडि हैं कौन? इनका रामायण से क्या संबंध हैं?

रामायण में भगवान श्रीराम, हनुमान, लक्ष्मण और विभीषण जैसे अनेक पात्रों की चर्चा होती है, लेकिन एक ऐसा पात्र भी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह पात्र है महर्षि कागभुसुंडि। उन्हें रामभक्ति का ऐसा प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने अनगिनत कल्पों तक श्रीराम की लीलाओं का साक्षात दर्शन किया। सबसे रोचक बात यह है कि उन्होंने स्वयं भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ को रामकथा सुनाई थी।

आखिर कागभुसुंडि कौन थे, उन्हें कौए का रूप क्यों मिला और रामायण में उनकी भूमिका इतनी महत्वपूर्ण क्यों मानी जाती है? आइए जानते हैं।

कौन थे कागभुसुंडि?

कागभुसुंडि का जिक्र मुख्य रूप से रामचरितमानस के उत्तरकांड और कई पुराणों में मिलता है। वे महान ऋषि, ज्ञानी और भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त थे। मान्यता है कि उन्होंने अनेक युगों और कल्पों को बीतते देखा। उन्हें समय और मृत्यु से परे थे।

उनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि वे कौए के रूप में रहते हुए भी परम ज्ञानी और रामभक्ति के सर्वोच्च साधक के रूप में पहचाने गए।

कौए का रूप कैसे मिला?

naidunia_image

  • पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने पूर्व जन्म में कागभुसुंडि एक ब्राह्मण थे। वे भगवान शिव के भक्त थे, लेकिन शुरुआत में भगवान विष्णु और श्रीराम के प्रति उनके मन में उचित श्रद्धा नहीं थी।
  • एक बार उन्होंने अपने गुरु की बात का अनादर कर दिया। इससे गुरु नाराज हुए और उन्हें श्राप मिला। बाद में भगवान शिव की कृपा और गुरु के आशीर्वाद से उन्हें कौए का शरीर तो मिला, लेकिन साथ ही ऐसा ज्ञान और भक्ति भी मिली, जिसने उन्हें अमर बना दिया।

गरुड़ को क्यों सुनाई रामकथा?

naidunia_image

  • रामायण की सबसे प्रसिद्ध घटनाओं में से एक वह प्रसंग है, जब भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ के मन में श्रीराम के मानव अवतार को लेकर कई प्रश्न उठे। गरुड़ जानना चाहते थे कि जो खुद परमब्रह्म हैं, वे मनुष्य रूप में दुख, विरह और संघर्ष क्यों सहते हैं।
  • उनकी शंका दूर करने के लिए उन्हें कागभुसुंडि के पास भेजा गया। तब कागभुसुंडि ने विस्तार से श्रीराम के जीवन, उनके अवतार के उद्देश्य और रामभक्ति का महत्व समझाया। यही संवाद रामकथा के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रसंगों में गिना जाता है।

कागभुसुंडि को क्यों माना जाता है अमर?

naidunia_image

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कागभुसुंडि को ऐसा वरदान प्राप्त था कि वे अनेक कल्पों तक जीवित रहेंगे। हर युग में श्रीराम की लीलाओं का दर्शन करेंगे। इसी कारण उन्हें कालातीत ऋषि कहा जाता है। वे समय के साक्षी माने जाते हैं, जिन्होंने सृष्टि के निर्माण और विनाश के अनेक चक्र देखे।

Trending News