नईदुनिया न्यूज, नलखेड़ा (आगर मालवा)। पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) की समाप्ति के साथ ही जिले में विवाह समारोहों का दौर शुरू होने जा रहा है। लंबे समय से मांगलिक कार्यों पर लगी रोक अब समाप्त होगी। घर आंगन में एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इसलिए इसके समाप्त होते ही लोग शुभ मुहूतों का इंतजार करते हैं। अधिकमास 15 जून को समाप्त होगा। इसके तीन दिन बाद, 19 जून से विवाह मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 19 जून से 12 जुलाई तक कुल 23 दिनों में 18 विवाह मुहूर्त रहेंगे। इसे देखते हुए विवाह योग्य परिवारों ने तैयारियां शुरू कर दी है। विवाह सीजन को लेकर शहर के मैरिज गार्डन, मांगलिक भवन, सामुदायिक भवन, और होटलों के कैटरिंग की बुकिंग तेजी से बढ़ रही है।
कारोबारियों के अनुसार अब तक करीब 50 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है। कई प्रमुख और प्रीमियम वेन्यू की तारीखें पहले ही आरक्षित हो चुकी है। अनुमान है कि इस सीजन में जिलेभर में कई अधिक विवाह समारोह होंगे। विवाह सीजन काअसर प्रीमियम वेन्यू की है। बाजारों में भी दिखाई देने लगा है।
सराफा बाजार, कपड़ा व्यापार, सजावट सामग्री, कैटरिंग, और फोटोग्राफी व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह है। इधर इवेंट मैनेजमेंट, डेकोरेशन, लाइटिंग और फोटोग्राफी से जुड़े कारोबार में भी रौनक लौट आई है। विवाह मुहूर्त शुरू होते ही जिले में मांगलिक आयोजनों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, मांगलिक कार्यों पर लगेगा विरामः विवाह मुहूतों के इस दौर के बाद 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जो 21 नवंबर तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते है और पाताललोक में विश्राम करतेहै। इसी कारण चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन सहित अधिकांश मांगलिक कार्य नहीं कार्य नहीं किए जाते। चातुर्मास समाप्त होने के बाद ही पुनः मांगलिक कार्यों के आयोजन शुरू होंगे।
होटलों और मैरिज गार्डनों में बुकिंग बढ़ी
मुहूर्ती को लेकर शहर के होटल और मेरिज गार्डनों में बुकिंग शुरू हो गई है। शहर के मैरिज गार्डनों में अब बुकिंग हो चुकी है। इस बार की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
विवाह के लिए इस वर्ष 59 मंगल तिथियां, 14 मार्च से 13 अप्रैल तक शादियां नहीं होंगी







