जगन्नाथ चक्का नैन नीलांचल वारे… तू ना संभाले तो हमे कौन संभाले। भजनों इन बोलों पर आस्था का उल्लास गुरुवार शाम खेल परिसर रेसकोर्स रोड पर देखते ही बन …और पढ़ें
Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 10:03:54 AM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 10:05:44 AM (IST)
HighLights
- महेश नवमी महोत्सव में आए कथा वाचक व भजन गायक इंद्रेश महाराज
- कहा- मनुष्य का चार्जिंग पॉइंट प्रभु जगन्नाथ के दर्शन करना, प्रसाद पाना
- माहेश्वरी समाज हर-हरि का संयोग, नर्मदा साक्षात बहती हुए शिव
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जगन्नाथ चक्का नैन नीलांचल वारे… तू ना संभाले तो हमे कौन संभाले। भजनों इन बोलों पर आस्था का उल्लास गुरुवार शाम खेल परिसर रेसकोर्स रोड पर देखते ही बन रहा था। अवसर था महेश नवमी महोत्सव में आयोजित कार्यक्रम की श्रृंखला में चकानैन महोत्सव का। इसमें ख्यात कथा वाचक और भजन गायक इंद्रेश महाराज ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अभी एक दिन के लिए संक्षिप्त समय के लिए आया हूं लेकिन अक्टूबर में सप्ताहभर की कथा करूंगा।
घड़ी की सुईयों ने जैसे ही शाम 7.15 बजाई वैसे ही खचाखच भरे परिसर में हजारों श्रद्दालुओं ने खड़े होकर तालिओं की गड़गड़ाहट के साथ गोविंदा-गोविंदा बोलकर उनकी अगवानी की।उनके दर्शन के लिए भक्तों की ऐसे व्याकुलता थी कि पांच बजे से लोग जुटने लगे थे। शाम 6.30 बजे ही प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल के उपयोग के लिए उसे चार्जिंग पर लगाना ही पढ़ता है।
मनुष्य का चाजिंग पाइंट प्रभु जगन्नाथ के दर्शन करना है। उनका प्रसाद पाओ और वहां स्नान करो।कलियुग में नदिया सूख जाएगी।पवित्र नदियां गंगा-जमना प्रदूषित हो रही है। इतना ही नहीं सारे धाम अपना स्वरूप बदल रहे है। पहले वृंदावन था अब भीड़वन है। भगवान की कृपा आज भी भक्तों पर बरसती है। मैं ऋणी हूं प्रभु का उनका ऋण चुकाने आया हूं। माहेश्वरी समाज हरी और हर के मिलन का प्रतीक है।

प्रदेश में बहने वाली नर्मदा साक्षात बहती हुए शिव हैं
प्रदेश में बहने वाली नर्मदा साक्षात बहती हुए शिव है। जब लोगों को मंदिर पाप कर्म करने से लज्जा नहीं आए तो समझ लेना कि कलियुग आ गया है।सतयुग में बद्रीनाथ धाम, द्वापर द्वारका वैसे ही कलियुग में जगन्नाथ धाम की महिमा रहेगी। सुबह सुदर्शन के दर्शन कर ही अपने कार्य की शुरुआत करनी चाहिए। इस अवसर पर नागोरिया पीठाधीश्वर विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज भी उपस्थित थे।
उत्सव में जीवन जीने की कला कार्यक्रम
नौ दिवसीय महेश नवमी महोत्सव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इस कड़ी में 19 जून को विशेष चर्चा-जीवन जीने की कला कार्यक्रम रात आठ बजे लाहोटी सभागृह, छत्रीबाग में आयोजित किया जाएगा।इसमें वक्ता सतीश मंत्री होंगे। 20 जून को दोपहर एक बजे बुजुर्गों की चौपाल एवं इसके बाद मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह शाम 6 बजे अक्षत गार्डन पश्चिम रिंग रोड पर होगा। इसी दिन बिजासन क्षेत्र माहेश्वरी समाज द्वारा भगवान महेश का अभिषेक सुबह 9 बजे शिव मंदिर महेश नगर में होगा। इसके बाद मेधावी छात्रों का सम्मान महेश नगर धर्मशाला महेश नगर में शाम 6.30 बजे होगा।
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