Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

Bank Strike: 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल हुई स्थगित, 28 सितंबर से सामान्य रूप से शुरू हुआ काम | Parmarth TV National Weather Forecast: देश के 13 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, राजस्थान के इन जिलों के लिए भी जारी हुई चेतावनी | Parmarth TV National Weather Forecast: बिहार सहित 19 राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में कल बदलेगा मौसम | Parmarth TV National Weather Forecast: 10 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, राजस्थान के इन जिलों के लिए है अलर्ट | Parmarth TV Congress: राहुल गांधी ने कहा, चुनाव आयोग और सरकार ने जो किया वो संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ | Parmarth TV EPFO E-Nomination: PF, पेंशन और बीमा का पैसा किसे मिलेगा? जानें नॉमिनी जोड़ने का पूरा तरीका | Parmarth TV National Weather Forecast:  11 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट, राजस्थान में आज से बदलने वाला है मौसम | Parmarth TV UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर MDR की चर्चा, क्या ग्राहकों को देना होगा चार्ज? समझें पूरा हिसाब | Parmarth TV Petrol-Diesel Prices: जयपुर से मुंबई तक, आज ये हैं दोनों ईंधनों की कीमतें | Parmarth TV Gehlot ने अब पुलिस-प्रशासन को लिया निशाने पर, कहा-ऐसी गुंडागर्दी, दबंगई और छापामारी मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखी | Parmarth TV

पापों को भस्म करने वाला अमोघ अस्त्र है गायत्री मंत्र, पढ़ें एक जप से लेकर करोड़ों जप तक का अदभुत फल

पापों को भस्म करने वाला अमोघ अस्त्र है गायत्री मंत्र, पढ़ें एक जप से लेकर करोड़ों जप तक का अदभुत फल

Gayatri Mantra Chant: हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र को ‘वेदों का सार’ और सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना गया है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, यह मंत्र केवल आध् …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 07:26:12 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 07:26:12 PM (IST)

पापों को भस्म करने वाला अमोघ अस्त्र है गायत्री मंत्र (AI Photo)

HighLights

  1. हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र का विशेष महत्व है
  2. जप करने वाला साधक जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है
  3. राजा अश्वपति ने 100 वर्षों तक पुष्कर तीर्थ में गायत्री जप किया था

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र को ‘वेदों का सार’ और सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना गया है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, यह मंत्र केवल आध्यात्मिक उन्नति का साधन नहीं, बल्कि मनुष्य के संचित पापों को नष्ट करने वाला एक दिव्य अस्त्र भी है। महर्षि पराशर ने राजा अश्वपति को इस मंत्र की अमोघ शक्ति के बारे में विस्तार से समझाया है।

जप की संख्या और उसका फल

एक से सौ बार: एक बार के जप से दिनभर के, 10 बार से दिन-रात के और 100 बार जप से पूरे महीने के पाप नष्ट हो जाते हैं।

हजार से लाख: एक हजार जप साल भर के दुखों को हर लेता है। एक लाख जप वर्तमान जन्म के पाप मिटाता है, जबकि 10 लाख जप पिछले तीन जन्मों के कर्मों को शुद्ध करता है।

करोड़ और मोक्ष: एक करोड़ बार जप करने से सभी जन्मों के पापों का अंत होता है और दस करोड़ जप मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कर ‘मोक्ष’ प्रदान करता है।

राजा अश्वपति की तपस्या और सती सावित्री का जन्म

संतान सुख से वंचित मध्य प्रदेश के सत्यवादी राजा अश्वपति ने महर्षि वशिष्ठ के सुझाव पर गायत्री माता की आराधना की। उन्होंने पुष्कर तीर्थ में 100 सालों तक कठोर तपस्या की। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर देवी ने दर्शन दिए, जिसके फलस्वरूप उन्हें पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई। यही कन्या इतिहास में ‘सती सावित्री’ के नाम से अमर हुई।

साधना की सही विधि

  • दिशा: साधक का मुख पूर्व की ओर होना चाहिए।
  • मुद्रा: मस्तक थोड़ा झुका हुआ और हथेली ‘सर्प के फन’ (अर्द्धमुद्रित सर्पफणाकृति) के समान आकार में होनी चाहिए।
  • माला: जप के लिए स्फटिक या श्वेत कमल के बीजों की माला सबसे उत्तम मानी गई है।

यह भी पढ़ें- Mahashivratri 2026: चंद्रमा को बल देने का महा-मुहूर्त है यह शिवरात्रि, महादेव की भक्ति से कटेंगे जीवन के ‘ग्रहण’

स्वीकरण- इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

Trending News