प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 11 जुलाई से 18 अगस्त तक सावन-भादौ मास का उल्लास छाएगा। भगवान महाकाल भक्तों के लिए आम दिनों की अपेक्षा जल्दी जागेंगे। भगवान की दिनचर्या बदलने के साथ ही भस्म आरती का समय भी बदल जाएगा।
By ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 24 Jun 2025 09:10:58 PM (IST)
Updated Date: Tue, 24 Jun 2025 09:10:58 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 11 जुलाई से 18 अगस्त तक सावन-भादौ मास का उल्लास छाएगा। भगवान महाकाल भक्तों के लिए आम दिनों की अपेक्षा जल्दी जागेंगे। भगवान की दिनचर्या बदलने के साथ ही भस्म आरती का समय भी बदल जाएगा। सावन-भादौ मास के 39 दिन प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे तथा सप्ताह के शेष दिनों में रात तीन बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे, इसके पश्चात भस्म आरती की जाएगी।
प्रतिदिन मात्र 1500 से 1700 भक्तों को अनुमति
पंडित महेश पुजारी ने बताया कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा अनुसार वर्षभर प्रतिदिन तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलते हैं। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती होती हैं, लेकिन श्रावण-भादौ मास में मंदिर के पट जल्दी खोले जाते हैं। देशभर से आने वाले भक्तों में भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन की प्रबल इच्छा रहती है, लेकिन मंदिर में स्थान समिति होने के कारण प्रतिदिन मात्र 1500 से 1700 भक्तों को ही भस्म आरती दर्शन की अनुमति मिल पाती है।
सुबह छह से रात नौ बजे तक मिलेगी शीघ्र दर्शन सुविधा
श्रावण-भाद्रपद मास में हजारों भक्त मंदिर पहुंचते हैं, इसलिए अधिक संख्या में भक्तों को भस्म आरती के दर्शन कराने के लिए चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू की जाती है। इस व्यवस्था से हजारों भक्त बिना किसी परेशानी के भस्म आरती के दर्शन कर सकते हैं। श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल के शीघ्र व सुलभ दर्शन के लिए भक्त 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा का लाभ ले सकते हैं। सावन-भादौ मास में सुबह छह से रात नौ बजे तक भक्त शीघ्र दर्शन सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
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