हालांकि, इस समय सूर्य उपासना, जप-तप और दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में खरमास कब से शुरू हो रहा है और मीन संक्रांति का शुभ समय क्या है।
कब लगता है खरमास?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इन राशियों के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। मान्यता है कि इस दौरान गुरु का प्रभाव क्षीण हो जाता है, इसलिए शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
मीन संक्रांति का महत्व
सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने की तिथि को संक्रांति कहा जाता है। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब मीन संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा, स्नान, दान और मंत्र जप का महत्व होता है।
खरमास – कब से कब तक?
ज्योतिष गणना के अनुसार, सूर्य देव 15 मार्च 2026 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसी दिन से खरमास की शुरुआत मानी जाएगी।
खरमास प्रारंभ – 15 मार्च 2026
खरमास समाप्त – 14 अप्रैल 2026
इस अवधि में सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। हालांकि, पूजा-पाठ, व्रत, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना गया है।
खरमास में क्या करें?
सूर्य देव को अर्घ्य दें
गायत्री मंत्र का जाप करें
गरीबों को अन्न, वस्त्र और दान दें
तीर्थ स्नान और ध्यान-पूजन करें
खरमास भले ही शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता हो, लेकिन आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य अर्जित करने के लिए यह अत्यंत फलदायी समय होता है।
सूर्य मंत्र
जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।
तमोsरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोsस्मि दिवाकरम ।।
2. ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च ।
हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
3. ऊँ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात ।।
4. ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय सहस्रकिरणाय नमः
5. ध्याये न्नृसिंहं तरुणार्कनेत्रं सिताम्बुजातं ज्वलिताग्रिवक्त्रम्।
अनादिमध्यान्तमजं पुराणं परात्परेशं जगतां निधानम्।।







