Support Parmarth TV.  You can send any amount on our UPI Id: 9643218008m@pnb. 

24 घंटे में इंस्टाग्राम पर दोगुने हो गए हैं कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोअर्स | Parmarth TV Rajasthan की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होगा मतदान, इन सांसदों का खत्म हो रहा है कार्यकाल | Parmarth TV राहुल गांधी के बारे में मदन दिलावर के विवादित बयान को लेकर Jully ने बोल दी है बड़ी बात, कहा- जो व्यक्ति स्वयं… | Parmarth TV अमेरिका फिर से करने वाला है ईरान पर हमला! डोनाल्ड ट्रंप ने अब उठा लिया है ये बड़ा कदम | Parmarth TV NEET Paper Leak: सीकर के छात्र ने की थी आत्महत्या, अब राहुल गांधी ने परिजनों को दिया ये आश्वसान | Parmarth TV China: कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 लोगों की मौत, बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा | Parmarth TV Jaipur: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 420 युवाओं को दी बड़ी सौगात, ये बड़ा ऐलान भी किया | Parmarth TV PM Kisan Scheme: इस महीने में जारी होगी 23वीं किस्त! | Parmarth TV Aadhaar Card: अब इस तारीख तक फ्री में अपडेट करवा सकते हैं आधार कार्ड, बढ़ गई है समय सीमा | Parmarth TV अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी Ivanka Trump को मिली जान से मारने की धमकी | Parmarth TV

Maha Shivratri Puja Muhurat: सुबह 11 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होगी महाशिवरात्रि, नोट कीजिए चारों प्रहर का समय

Maha Shivratri Puja Muhurat: सुबह 11 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होगी महाशिवरात्रि, नोट कीजिए चारों प्रहर का समय

प्रत्येक सनातनी के लिए महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। देशभर के प्रमुख शिवालयों में तैयारी की जा चुकी है। इस दिन हर शिव भक्त व्रत रखता है और विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करता है। ज्योतिषाचार्य से जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त।

By Arvind Dubey

Publish Date: Tue, 25 Feb 2025 01:08:36 PM (IST)

Updated Date: Tue, 25 Feb 2025 03:00:09 PM (IST)

महाशिवरात्रि पर सूर्य-बुध के केंद्र त्रिकोण का योग पराक्रम व प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए सहायक सिद्ध होगा।

HighLights

  1. महाशिवरात्रि पर वर्ष 1965 के बाद पहली बार त्रिग्रही योग
  2. 7 साल बाद बुधवार के दिन महाशिवरात्रि पर्व का संयोग बना
  3. लगभग 31 वर्ष बाद महाशिवरात्रि पर बुधादित्य योग भी रहेगा

धर्म डेस्क, इंदौर। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया, पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर आठ मिनट से प्रारंभ होकर 27 फरवरी को सुबह आठ बजकर 54 मिनट तक रहेगी। महाशिवरात्रि पर बुधवार को रात्रि के चार प्रहरों में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।

  • प्रथम प्रहर: शाम 5 बजकर 39 मिनट से रात 9 बजकर 43 मिनट तक
  • द्वितीय प्रहर: रात 9 बजकर 43 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 47 मिनट तक
  • तृतीय प्रहर: मध्यरात्रि 12 बजकर 47 मिनट से सुबह 3 बजकर 51 मिनट तक
  • चतुर्थ प्रहर: गुरुवार सुबह 3 बजकर 51 मिनट बजे से सुबह 6 बजकर मिनट तक

naidunia_image

श्रवण व धनिष्ठा नक्षत्र का युग्म संयोग के साथ बन रहे कई योग

इस तरह शिव-शक्ति के मिलन का महापर्व शिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी में 26 फरवरी बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन श्रवण व धनिष्ठा नक्षत्र का युग्म संयोग, परिघ योग एवं शिव योग के विशेष संयोग के साथ मकर राशि के चन्द्रमा की उपस्थिति रहेगी।

महाशिवरात्रि पर वर्ष 1965 के बाद सूर्य, बुध व शनि ये तीनों ग्रह के कुंभ राशि में विद्यमान होने से त्रिग्रही योग का संयोग बन रहा है। सात वर्ष बाद बुधवार के दिन का संयोग रहेगा। लगभग 31 वर्ष बाद महाशिवरात्रि पर बुधादित्य योग भी रहेगा।

ग्रहों-गोचरों का यह संयोग आध्यात्मिक उन्नति और प्रतिष्ठा में वृद्धि प्रदान करेगा। ज्योतिषाचार्य प्रभात जोशी (मंडावल) ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन शुभ संयोग व शुभ मुहूर्त में भगवान शिव के साथ माता-पार्वती की पूजा-आराधना करने से श्रद्धालुओं की मनोवांछित कामना की प्राप्ति होगी।

महादेव की पूजा यथा श्रद्धा, यथा प्रहर, यथा स्थिति व यथा उपचार के अनुसार करना चाहिए। चार प्रहर की साधना से जातक को धन, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होती है। सूर्य व शनि पिता-पुत्र है और सूर्य शनि की राशि कुंभ में रहेंगे। इस प्रबल योग में भगवत साधना करने से आध्यात्मिक, धार्मिक उन्नति होती है।

Trending News