Putrada Ekadashi 2025: धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर पूरी श्रद्धा के साथ आराधना करने पर पापों से मुक्ति के साथ सुख-सौभाग्य का आर्शीवाद मिलता है, साथ ही इस दिन सच्चे मन से उपवास रखने और भगवान के चरणों में भक्ति भाव अर्पित करने से संतान की प्राप्ति का मार्ग खुलता है। हालांकि इस बार इसकी तारीख को लेकर भक्तजनों के मन में दुविधा भी है।
By Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 27 Jul 2025 07:29:58 PM (IST)
Updated Date: Sun, 27 Jul 2025 07:29:58 PM (IST)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जो भी लोग संतान या पुत्र प्राप्ति की चाहत रखते हैं, उनकी सावन महीने में पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से हर मनोकामना पूरी होती है। यह पर्व पूरी तरह भगवान विष्णु को समर्पित होता है, जहां इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी नारायण की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर पूरी श्रद्धा के साथ आराधना करने पर पापों से मुक्ति के साथ सुख-सौभाग्य का आर्शीवाद मिलता है। हालांकि इस बार इसकी तारीख को लेकर भक्तजनों के मन में दुविधा भी है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार पुत्रदा एकादशी की सही तारीख क्या है।
कब है पुत्रदा एकादशी?
पंचांग के अनुसार, इस साल 4 अगस्त को सुबह 11 बजकर 41 मिनट पर सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत होगी। वहीं, 5 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि खत्म होगी। ऐसे में 5 अगस्त को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। वहीं, 4 अगस्त को सावन महीने का अंतिम सोमवार का व्रत मनाया जाएगा।
पुत्रदा एकादशी के शुभ योग?
ज्योतिषियों की मानें तो सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इनमें इंद्र योग का संयोग सुबह 07 बजकर 25 मिनट तक है। दूसरी ओर रवि योग का संयोग सुबह 05 बजकर 18 मिनट से सुबह 11 बजकर 23 मिनट तक है। वहीं शिववास योग का संयोग दोपहर 01 बजकर 13 मिनट से है। इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने वाले हर इंसान की मनोकामना पूरी होगी।
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