सावन 2026 में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सामान्य श्रद्धालुओं को सुखदेव मुनि द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे नगर में वन-वे ट्रैफ…और पढ़ें
By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Thu, 23 Jul 2026 06:20:34 PM (IST)Updated Date: Thu, 23 Jul 2026 06:32:27 PM (IST)
HighLights
- सावन में ओंकारेश्वर मंदिर में प्रवेश और निकास व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया
- सामान्य श्रद्धालुओं सुखदेव मुनि द्वार से प्रवेश करेंगे। वहीं, पुल के रास्ते बाहर निकलेंगे
- VIP और शीघ्र दर्शन टिकट धारकों के लिए अलग प्रोटोकॉल गेट बनाया गया है
धर्म डेस्क, मध्यप्रदेश। सावन माह में भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराना है।
सुखदेव मुनि द्वार से होगा सामान्य श्रद्धालुओं का प्रवेश
नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रद्धालुओं को अब सुखदेव मुनि द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। यहां से श्रद्धालु सीढ़ियों के रास्ते मंदिर पहुंचेंगे और गर्भगृह से करीब 10 फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर सकेंगे।
दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को चांदी गेट से बाहर निकालकर झूला पुल के रास्ते निकासी दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग होने से भीड़ का दबाव कम होगा।
VIP और शीघ्र दर्शन के लिए अलग व्यवस्था
कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, VIP, प्रोटोकॉल और शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था रहेगी। नई व्यवस्था के तहत वर्तमान एग्जिट गेट को प्रोटोकॉल प्रवेश द्वार बनाया गया है। वहीं, शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर को ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सावन में लागू रहेगा वन-वे ट्रैफिक
सावन के दौरान पूरे ओंकारेश्वर नगर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। इसके तहत श्रद्धालुओं को पुराने पुल के रास्ते मंदिर तक पहुंचाया जाएगा, जबकि दर्शन के बाद नए झूला पुल और स्काई ब्रिज से वापस निकाला जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इससे यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही दोनों को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।







