Shravan Mahotsav 2025: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में पहली बार श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। 13 जुलाई से 19 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस सांस्कृतिक समारोह में उज्जैन के साथ इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित प्रमुख शहरों के कलाकार प्रस्तुति देंगे। आयोजन को लेकर तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन अभी स्थान तय नहीं हुआ है।
By Himadri Singh Hada
Publish Date: Tue, 24 Jun 2025 07:06:14 PM (IST)
Updated Date: Tue, 24 Jun 2025 07:11:36 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण मास के अवसर पर इस बार महाकाल नगरी उज्जैन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में पहली बार ‘श्री महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन (Shravan Mahotsav Ujjain) किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 13 जुलाई से 19 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस भव्य कार्यक्रम में उज्जैन के साथ-साथ इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित देशभर के नामचीन कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव के साथ आयोजन
पिछले 20 वर्षों से श्रावण मास में अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का आयोजन होता आ रहा है, जो इस वर्ष भी 12 जुलाई से 18 अगस्त तक त्रिवेणी संग्रहालय में आयोजित होगा। यहां देश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकार प्रस्तुति देंगे। लेकिन इस बार कुछ अलग है—महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या के रूप में एक नया मंच कलाकारों को मिलेगा, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को भी बड़े कलाकारों के साथ परफॉर्म करने का अवसर दिया जाएगा।
कलाकारों को किया जाएगा सम्मानित
मंदिर समिति ने देशभर से आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें 240 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। इनमें से 18 कलाकारों का चयन किया गया है, जिनमें से 5 स्थानीय हैं और 2 अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार विशेष आमंत्रण पर शामिल किए गए हैं। कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा और प्रतीक चिह्न भी भेंट किए जाएंगे।
18 से 20 लाख खर्च करेगी मंदिर समिति
इस आयोजन की भव्यता के लिए मंदिर समिति लगभग 18 से 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इसके लिए एक विशेष डोम, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता का साउंड सिस्टम और माइक व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम स्थल को सुसज्जित और आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप बनाया जाएगा।
सालभर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की होगी शुरुआत
मंदिर प्रबंध समिति की योजना है कि भविष्य में विश्वस्तरीय ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाए, जिससे सांस्कृतिक संध्याओं को सिर्फ श्रावण तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष हर शुक्रवार और शनिवार आयोजित किया जा सके। इससे देशभर के कलाकारों को नियमित मंच मिलेगा और महाकाल मंदिर की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी






