कछुए वाली अंगूठी आजकल सिर्फ एक फैशन एक्सेसरी नहीं रह गई है, बल्कि वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इसे किस्मत और आर्थिक समृद्धि से जोड़ा जाता है। कछुआ भग …और पढ़ें
Publish Date: Sun, 25 Jan 2026 04:29:08 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Jan 2026 04:29:08 PM (IST)
HighLights
- कछुए का मुख अंदर की ओर होना जरूरी
- धन और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक
- चांदी की अंगूठी सबसे शुभ मानी जाती है
लाइफस्टाइल डेस्क: आज के समय में कछुए वाली अंगूठी (Tortoise Ring) युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। हालांकि, वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसे केवल फैशन के तौर पर पहनना सही नहीं माना जाता। कछुए को भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का प्रतीक माना गया है, इसलिए इससे जुड़े नियमों का पालन जरूरी होता है।
कछुए वाली अंगूठी के प्रमुख फायदे
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, कछुए वाली अंगूठी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करती है। इसे पहनने से घर और जीवन में सकारात्मकता, सुख और शांति आती है।
- ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, कछुआ मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है। ऐसे में यह अंगूठी आर्थिक समृद्धि बढ़ाने और धन के नए स्रोत खोलने में सहायक मानी जाती है।
- इसके अलावा, कछुआ धैर्य और स्थिरता का प्रतीक है, जिससे इसे धारण करने वाले व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक तनाव कम होता है।
किस धातु में पहनना होता है शुभ
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, कछुए वाली अंगूठी के लिए चांदी को सबसे उत्तम धातु माना गया है। चांदी मन को शांत रखती है और शुभ फल देती है।
- यदि कुंडली अनुमति देती है, तो इसे सोने या तांबे में भी बनवाया जा सकता है, लेकिन चांदी को सबसे प्रभावशाली माना जाता है।
पहनने का सही तरीका और दिशा
- अंगूठी पहनते समय कछुए का मुख हमेशा पहनने वाले की ओर यानी अंदर की तरफ होना चाहिए। माना जाता है कि इससे धन आकर्षित होता है, जबकि मुख बाहर होने से धन खर्च बढ़ सकता है।
- इसे धारण करने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। अंगूठी सीधे हाथ की मध्यमा या तर्जनी उंगली में पहननी चाहिए।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष, वृश्चिक, मीन और कर्क राशि के जातकों को यह अंगूठी पहनने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इन राशियों पर इसका प्रभाव प्रतिकूल हो सकता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। नईदुनिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। नईदुनिया अंधविश्वास के खिलाफ है।







