धर्म डेस्क। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार (Main Gate) को ऊर्जा का सबसे बड़ा प्रवेश मार्ग माना गया है। मान्यता है कि यहीं से सुख-समृद्धि और धन की देवी मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। यदि मुख्य द्वार पर वास्तु दोष हो, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है, जिससे आर्थिक तंगी और बीमारियां दस्तक देने लगती हैं।
आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार पर किन 5 चीजों को रखना वर्जित माना गया है…
1. जूते-चप्पल का ढेर
अक्सर लोग घर के बाहर ही जूते-चप्पल उतार देते हैं, जो वास्तु के लिहाज से बहुत बड़ी गलती है। मुख्य द्वार पर रखे जूते-चप्पल मां लक्ष्मी के मार्ग में बाधा उत्पन्न करते हैं। इससे घर में दरिद्रता आती है और धन का आगमन रुक जाता है।
2. कूड़ादान या डस्टबिन
मुख्य द्वार के ठीक सामने या पास में डस्टबिन रखना नकारात्मक ऊर्जा को न्योता देना है। कूड़ा गंदगी का प्रतीक है और जिस द्वार पर गंदगी होती है, वहां से सौभाग्य लौट जाता है। इससे परिवार में मानसिक तनाव और कलह बढ़ती है।
3. टूटा हुआ सामान या कबाड़
पुराना फर्नीचर, बंद घड़ियां या कोई भी टूटा हुआ सामान मुख्य द्वार पर जमा न करें। यह कबाड़ राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे घर के सदस्यों की उन्नति रुक जाती है और बनते काम बिगड़ने लगते हैं।
4. कांटेदार पौधे
सजावट के लिए कभी भी मुख्य द्वार पर कैक्टस या अन्य कांटेदार पौधे न लगाएं। वास्तु के अनुसार, ये पौधे रिश्तों में कड़वाहट पैदा करते हैं और जीवन में संघर्ष व आर्थिक बाधाओं को बढ़ाते हैं। द्वार पर हमेशा फूलों वाले या शुभ पौधे जैसे तुलसी लगाना चाहिए।
5. मुख्य द्वार पर अंधेरा
वास्तु के अनुसार, शाम के समय मुख्य द्वार पर अंधेरा होना अत्यंत अशुभ है। अंधेरा नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करता है। सुनिश्चित करें कि आपके प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी हो, ताकि मां लक्ष्मी का स्वागत हो सके।
घर में सुख-समृद्धि लाने के सरल उपाय
यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो इन वास्तु उपायों को जरूर अपनाएं…
- तोरण लगाएं: मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाना अत्यंत शुभ होता है।
- स्वास्तिक चिन्ह: द्वार के दोनों ओर कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं, यह सौभाग्य का प्रतीक है।
- दीपक जलाएं: रोजाना शाम को मुख्य द्वार के पास एक दीपक जरूर जलाएं।
- नियमित सफाई: प्रवेश द्वार की दहलीज को रोज साफ करें और संभव हो तो गंगाजल का छिड़काव करें।
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